मिजोरम में कोरोना की दूसरी लहर का कहर, असम से रोड ब्लॉक होने के चलते ऑक्सीजन और दवा सप्लाई प्रभावित
नई दिल्ली, अगस्त 06। तकरीबन 10 लाख की आबादी वाला मिजोरम इन दिनों कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहा है। हर दिन यहां पर 600 से 800 कोरोना के नए मरीज सामने आ रहे हैं। इतना ही नहीं असम और मिजोरम के बीच हाल ही में हुए खूनी संघर्ष के बाद से बॉर्डर इलाकों पर की गई नाकेबंदी से स्थिति और ज्यादा खराब है। आपको बता दें कि 26 जुलाई की घटना के बाद से असम ने अपनी तरफ से NH-306 को सील कर दिया है, जिसकी वजह से मिजोरम में पहुंचने वाली जरूरी सुविधाएं निलंबित हैं। इनमें मेडिकल उपकरण और ऑक्सीजन सेवाएं शामिल हैं।

असम रोक रहा है मिजोरम में आने वाली दवा और ऑक्सीजन की सप्लाई
आपको बता दें कि मिजोरम में अभी भी 13000 के करीब एक्टिव केस हैं। वहीं 20 अप्रैल के बाद से मिजोरम में लॉकडाउन लगा हुआ है। 26 जुलाई की घटना के बाद से असम के निवासियों के द्वारा की गई नाकेबंदी ने आइजोल में जोरम मेडिकल कॉलेज (ZMC) के ऑक्सीजन प्लांट के लिए दवा और जरूरी वस्तुओं की एंट्री को प्रभावित किया है।
स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री ने केंद्र से की दखल देने की अपील
मिजोरम के स्वास्थ्य मंत्री डॉ आर लालथंगलियाना ने इस मामले में केंद्र से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि असम के लोग कोविड टेस्टिंग किट और लाइफ सेविंग दवाओं की सप्लाई को रोक रहे हैं, ऐसे में मैं केंद्र से दखल देने की मांग करता हूं। स्वास्थ्य मंत्री के ट्वीट को मुख्यमंत्री जोरमथंगा ने भी रीट्वीट किया था।
मिजोरम में कोरोना की स्थिति
आपको बता दें कि मिजोरम में थर्ड वेव की दस्तक की भी संभावना जताई जा रही है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों जो नए मरीज सामने आ रहे हैं, उनमे बच्चों की संख्या भी अधिक है। गुरुवार को मिजोरम में 1088 नए संक्रमित मरीज सामने आए थे। इनमें 167 बच्चे भी शामिल हैं। मिजोरम के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस साल जुलाई में कोरोना के 18 हजार से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और अगस्त के पहले सप्ताह में ही इसमें तेजी आती दिख रही है। माना जा रहा है कि अगस्त में जुलाई से भी अधिक मामले दर्ज किए जा सकते हैं।












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