Rajya Sabha: सभापति धनखड़ के खिलाफ INDIA bloc का अविश्वास प्रस्ताव, BJD के 7 सांसद किसके साथ?
Jagdeep Dhankhar No Confidence Motion: जैसी की आशंका थी, मंगलवार को विपक्षी इंडिया ब्लॉक की ओर से राज्यसभा के सभापति जगदीप धनकड़ के खिलाफ ऊपरी सदन के सेक्रेटरी जनरल को अविश्वास प्रस्ताव सौंप दिया गया। इस प्रस्ताव पर विपक्षी दलों के 60 सांसदों के हस्ताक्षर हैं, लेकिन किसी भी पार्टी के सदन के नेता ने इसपर दस्तखत नहीं किए हैं।
देश के उपराष्ट्रपति ही राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं। जब 2022 के जुलाई में बीजेपी ने एलान किया था कि पश्चिम बंगाल के तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनकड़ उसकी ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे, तो नवीन पटनायक की अगुवाई वाला बीजू जनता दल (BJD) ने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया था। बीजेडी तब भी न तो एनडीए के साथ था और ना ही कांग्रेस की अगुवाई वाले विपक्षी दलों के गुट का हिस्सा था।

बीजेडी ने उपराष्ट्रपति चुनाव में किया था धनकड़ का समर्थन
उस समय बीजेडी के वरिष्ठ नेता पिनाकी मिश्रा ने पीटीआई से कहा था, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नवीन बाबू (ओडिशा के तत्कालीन सीएम) से बात करने के बाद, यह तय किया गया है कि पार्टी धनकड़ का समर्थन करेगी।'
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इंडिया ब्लॉक लाया है धनकड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
लेकिन, राज्यसभा के इतिहास में पहली बार विपक्षी दलों का गठबंधन इंडिया ब्लॉक उन्हीं धनकड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है। इसके बारे में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, 'इंडिया ग्रुप से जुड़ी सभी विपक्षी पार्टियों ने एकजुट होकर,सर्वसम्मति से राज्यसभा के सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया है....हमें राज्यसभा के 72 साल के इतिहास में पहली बार यह अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए मजबूर होना पड़ा...,, जिस तरह से उन्होंने (जगदीप धनखड़) राज्यसभा को चलाया है, दुर्भाग्य से हमें ऐसा प्रतीत होता है कि वह पक्षपातपूर्ण हैं... '
जो भी आवश्यक होगा वह कदम उठाएंगे- नवीन पटनायक
जब बीजेडी के समर्थन से उपराष्ट्रपति पद पर विराजमान हुए धनकड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बीजेडी के रुख के बारे में नवीन पटनायक से मंगलवार को सवाल किया तो उन्होंने कहा,'हम इसकी समीक्षा कर रहे हैं और जो भी आवश्यक होगा वह कदम उठाएंगे।'
बीजेडी सांसद ने कही तटस्थ रहने की बात
हालांकि, बीजेडी के राज्यसभा सांसद और पार्टी के प्रवक्ता सस्मित पात्रा ने साफ किया कि उनकी पार्टी आज भी न तो एनडीए का हिस्सा है और ना ही इंडिया ब्लॉक का हिस्सा है, इसलिए उनकी पार्टी विपक्ष के प्रस्ताव पर तटस्थ की भूमिका निभाएगी। पार्टी सांसद ने यह भी कहा इस मामले से उनकी पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।
तथ्य यह है कि विपक्ष खासकर इंडिया ब्लॉक के हाथ अब राज्यसभा में भी काफी तंग हो चुके हैं। इस समय ऊपरी सदन में कुल 234 सांसद हैं। सामान्य बहुमत से भी प्रस्ताव पारित कराने के लिए 118 सांसदों के समर्थन की दरकार होगी।
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लेकिन, इंडिया ब्लॉक के पास राज्यसभा में अपने कुल 85 सांसद ही हैं। ऐसे में बीजेडी जैसी 7 सांसदों वाली पार्टी अगर उसके कदम से किनारा कर लेती है तो इनके लिए बहुमत के जादुईं आंकड़े के नजदीक भी फटकना मुश्किल होगा। जहां तक सत्ताधारी एनडीए की बात है तो उसके पास अपने 113 सांसद हैं और इसमें मौजूदा 6 मनोनीत सदस्यों को भी जोड़ दें तो यह आंकड़ा 119 तक पहुंच जाता है।












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