Jagdeep Dhankhar: क्या राज्यसभा के सभापति को हटा सकता है विपक्ष? क्या है संख्या गणित? समझें Article 67(b)
No-Trust Motion against Rajya Sabha chairperson Jagdeep Dhankhar: देश के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनकड़ के खिलाफ विपक्ष की ओर से संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र में अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की चर्चा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टीएमसी (TMC) और समाजवादी पार्टी ने इसके लिए आर्टिकल 67 (बी) के तहत नोटिस पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं।
सभापति जगदीप धनकड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की विपक्षी सदस्यों की यह कोई पहली कोशिश नहीं है। इसी साल अगस्त में भी बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में जब काफी खींचतान वाली स्थिति बनी थी तो विपक्षी सदस्यों की ओर से उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव या महाभियोग प्रस्ताव लाने की सोच बन रही थी। तब पेरिस ओलंपिक में पहलवान विनेश फोगाट की अयोग्यता के मसले पर विपक्ष सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले था और वह रोजाना सभापति से भिड़ रहा था।

राज्यसभा सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी?
उस समय विपक्षी सदस्यों का दावा था कि उपराष्ट्रपति धनकड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर 80 से ज्यादा सांसद दस्तखत कर चुके हैं। लेकिन, सत्र खत्म हो गया और विपक्ष नोटिस देता ही रह गया। इस बार सोमवार को जिस तरह से जॉर्ज सोरोस के मुद्दे पर ऊपरी सदन में सत्तापक्ष ने विपक्ष को घेरा है,उसके बाद विपक्ष धनकड़ से ज्यादा ही नाराज लग रहा है।
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आर्टिकल 67 (बी) में क्या प्रावधान है?
संविधान के अनुच्छेद 67 में देश के उपराष्ट्रपति के कार्यकाल का जिक्र किया गया है। इसके मुताबिक उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पांच वर्षों का होता है, लेकिन उससे पहले भी वह राष्ट्रपति को इस्तीफा सौंपकर अपना पद छोड़ सकते हैं।
संविधान के अनुच्छेद 67 (बी) में यह प्रावधान है कि राज्यसभा से प्रस्ताव पारित करके उन्हें पद से हटाया भी जा सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि यह प्रस्ताव राज्यसभा से बहुमत से पारित हो और लोकसभा से भी इसपर मंजूरी ली जाए।
उपराष्ट्रपति को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने से पहले आवश्यक है कि इस इरादे को लेकर कम से कम 14 दिन पहले प्रस्ताव पेश किए जाने का नोटिस दिया जाए।
क्या राज्यसभा के सभापति को हटा सकता है विपक्ष?
मौजूदा समय में राज्यसभा में विपक्ष बहुमत में नहीं है। जबकि, लोकसभा में तो हमेशा ही सरकार का बहुमत रहता है। ऐसे में राज्यसभा के सभापति जगदीप धनकड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की चर्चा राजनीतिक और प्रतीकात्मक विरोध से ज्यादा कुछ भी नहीं लग रहा है। क्योंकि, विपक्ष को भी मालूम है कि अगर वह यह प्रस्ताव ले भी आया और सत्तापक्ष का समर्थन नहीं मिला तो वह अपने मंसूबे में बुरी तरह फेल हो जाएगा।
क्या पहले किसी उपराष्ट्रपति को हटाया गया है?
देश में उपराष्ट्रपति या राज्यसभा के सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव या महाभियोग प्रस्ताव लाने का अबतक कोई उदाहरण मौजूद नहीं है। इस बार बजट सत्र में इसकी कोशिश की गई थी,लेकिन वह भी सफल नहीं हुआ।
राज्यसभा में संख्या गणित क्या है?
राज्यसभा की कुल 245 सदस्य संख्या में मौजूदा सदस्यों की संख्या 234 है। इसमें अकेले बीजेपी के पास 96 और एनडीए के कुल 113 सांसद हैं। इस समय 6 मनोनीत सांसद भी हैं, जो आमतौर पर सरकार के समर्थक ही माने जाते हैं।
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ऐसे में सामान्य बहुमत के लिए विपक्ष को कम से कम 117 सांसदों का समर्थन जुटाना बहुत मुश्किल है। क्योंकि, विपक्षी इंडिया ब्लॉक का कुल आंकड़ा 85 तक ही पहुंचता है। वहीं विपक्ष में बाकी वे दल हैं, जो किसी भी गठबंधन से नहीं जुड़े हैं। जबकि, सरकार के पक्ष में राज्यसभा में सांसदों का यह गणित 119 बैठता है, जो कि फिलहाल बहुमत का आंकड़ा है।












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