गुस्से में गडकरी, संसद में क्यों कहा 'बुल्डोजर के नीचे डलवा दूंगा'?
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भ्रष्ट ठेकेदारों को दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने खुले शब्दों में कहा है कि वह निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि ऐसे भ्रष्ट ठेकेदारों को वह बुल्डोजर के नीचे फेंक देंगे।
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दरअसल संसद में 5 दिसंबर को जब हाईवे निर्माण में खामियों को लेकर नितिन गडकरी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में इसका जवाब देते हुए कहा कि बुल्डोजर के नीचे दबा देंगे। दरअसल नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने संसद में सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल किया था।

बेनीवाल के सवाल का जवाब देते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि ऐसे ठेकेदार जो गुणवत्ता से समझौता करेंगे उन्हें ठोक-पीटकर ठीक कर दिया जाएगा आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रश्नकाल के दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की खामियों को लेकर सवाल किया था।
बेनीवाल ने कहा कि एक्सप्रेसवे पर 150 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। अकेले दौसा में 50 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों ने निर्माण में समझौता किया, लेकिन सड़क पर यात्रा करने वाले भुगत रहे हैं।
नितिन गडकरी ने कहा कि यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है और यह सबसे कम समय में बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क पर लेयर में कुछ जगह दिक्कतें आई हैं और नीचे दब दई है, लेकिन सुधारा गया है। इसके लिए 4 ठेकेदारों को जिम्मेदार ठहराया गया है और उन्हें नोटिस दी गई है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नितिन गडकरी ने कहा कि अगर कॉन्ट्रैक्टर ऐसे खराब काम करेगा तो उसके खिलाफ हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। साथ ही जो भी अधिकारी इससे जुड़े हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे कॉन्ट्रैक्टर छह महीने तक टेंडर भी ना भर पाएं। साथ ही अधिकारियों को नौकरी से सस्पेंड करेंगे।
इसके साथ ही नितिन गडकरी ने साफ किया कि वह निर्माण कार्य को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं पहले भी कह चुका हूं कि अगर कॉन्ट्रैक्टर काम नहीं करेगा तो उसे बुल्डोजर के नीचे डलवा दूंगा। हम इस साल कैसे कॉन्ट्रैक्टर को ब्लैकलिस्ट करवाते हैं, आप इसे देखिएगा। हम इन्हें ठोक-पीटकर सही कर देंगे, लेकिन गलत काम से समझौता नहीं करेंगे।
देश में सड़क हादसों को लेकर गडकरी ने कहा कि तमाम कोशिशों के बाद भी एक वर्ष के भीतर 1.68 लाख लोगों की मौत हुई है। मरने वाले तकरीबन 60 फीसदी युवा हैं। यह चिंताजनक आंकड़ा है। उन्होंने सड़क हादसों को रोकने के लिए लोगों के सहयोग की भी अपील की है।












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