आखिर क्यों नितिन गडकरी ने खुद को बताया टोल टैक्स का पितामह, बोले- 2024 तक देश की सड़कें अमेरिका की तरह

नई दिल्ली, 04 अगस्त। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि मैं एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स का पितामह था, बतौर मंत्री मैंने 1990 में महाराष्ट्र में पहली ऐसी सड़क बनाई थी। दरअसल सदन में जब नितिन गडकरी से यह सवाल पूछा गया था कि आखिर क्यों एक्सप्रेसवे पर शहर के भीतर टोल प्लाजा बनाए जा रहे हैं, इसकी वजह से स्थानीय लोगों शहर के भीतर यात्रा करने के लिए टोल देना पड़ता है। इस सवाल के जवाब में गडकरी ने कहा कि 2014 से पहले जब यूपीए की सरकार थी, शहर के करीब टोल प्लाजा की शुरुआत की गई थी, हर किसी को टोल देना पड़ता था, यह दुर्भाग्यपूर्ण और अवैध है।

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     मैं टोल टैक्स का पितामह

    मैं टोल टैक्स का पितामह

    गडकरी ने कहा कि सौभाग्य कहें या दुर्भाग्य मैं इस टोल का पितामह हूं क्योंकि पहली बार देश में मैंने टोल सिस्टम की शुरुआत की, बिल्ड ऑपरेट ट्रांसफर का पहला प्रोजेक्ट महाराष्ट्र के ठाणे में शुरू किया गया था। महाराष्ट्र सरकार में जब गडकरी पीडब्ल्यूडी मंत्री थे तो 1995-1999 के बीच उन्होंने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसव प्रोजेक्ट को अपने हाथ में लिया था। गडकरी ने कहा कि नई व्यवस्था जो शुरू होने जा रही है, उसमे हम देखेंगे कि शहर के लोगों को कोई टोल नहीं देना होगा। उन्होंने कहा कि शहर में अक्सर ऐसा होता है कि लोग 10 किलोमीटर की दूरी तक के लिए एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उन्हें 75 किलोमीटर के एक्सप्रेसवे के लिए टोल देना होता है।

    2024 तक 26 ग्रीन एक्सप्रेस वे हाईवे

    2024 तक 26 ग्रीन एक्सप्रेस वे हाईवे

    सवाल के जवाब में गडकरी ने कहा कि यह बिल्कुल गलत है, यह मेरी गलती नहीं है, इसके लिए मुझे जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। यह मेरी समस्या नहीं है, इसे पिछली सरकार ने शुरू किया था। हम इसे ठीक करेंगे। सदन के सदस्यों की चिंता को समझते हुए हम इस समस्या का समाधान करेंगे। इसके साथ ही नितिन गडकरी ने भरोसा दिलाया है कि 2024 तक देश में अमेरिकी की तरह सड़के होंगी। उन्होंने कहा कि 2024 तक सरकार 26 ग्रीन एक्सप्रेसवे हाईवे बनाएगी, जिससे देश में एक शहर से दूसरे शहर के बीच की दूरी तय करने में कम समय लगेगा।

    इन शहरों की दूरी होगी कम

    इन शहरों की दूरी होगी कम

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब हाईवे का काम पूरा हो जाएगा तो दिल्ली से देहरादून, हरिद्वार, जयपूर की दूरी में लगने वाला समय 2 घंटे कम हो जाएगा। इसके अलावा दिल्ली से चंडीगढ़ सिर्फ दो से ढाई घंटे में पहुंचा जा सकेगा। दिल्ली से अमृतसर सिर्फ 4 घंटे में, दिल्ली से मुंबई सिर्फ 12 घंटे में पहुंचा जा सकता है। 2024 तक मैं गारंटी देता हूं कि भारत की सड़के अमेरिका की तरह हो जाएंगी। ट्रांसपोर्ट मंत्रालय कई नई तकनीक पर काम कर रहा है जिससे कि टोल प्लाजा पर लगने वाले ट्रैफिक को कम किया जा सके। गडकरी ने ककहा कि देश में अबतक कुल 5.56 करोड़ फास्ट टैग दिए गए हैं, जिसके जरिए हर रोज औसतन 120 करोड़ रुपए जमा होते हैं।

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