कोविड की तीसरी लहर में बच्चों में दिख सकते हैं संक्रमण के अलग-अलग मामले: नीति आयोग
नई दिल्ली, 18 जून। देश में लगातार आ रहे कोरोना वायरस मामलों से केंद्र और राज्य सरकारों ने राहत की सांस ली है। शुक्रवार की ब्रीफिंग में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि पिछले 24 घंटे में सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 7,98,656 हो गई है। पिछले 3 दिनों में सक्रिय मामलों में 1,14,000 की कमी आई है। अब रिकवरी दर बढ़कर 96% हो गई है। हम हर रोज 18.4 लाख कोरोना टेस्ट कर रहे हैं। वहीं, 22 करोड़ से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग गई है और 5 करोड़ से अधिक दूसरी डोज लगाई गई है।
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लव अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे बताया कि कोरोना वायरस के दैनिक मामलों में लगातार गिरावट देखी जा रही है, पिछले 24 घंटे में देश में 62,480 नए मामले सामने आए हैं। पिछले 11 दिनों से एक लाख से कम मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। कोरोना मामलों के पीक में 85% की कमी देखी गई है। 3 मई से रिकवरी दर में वृद्धि दर्ज की जा रही है, वर्तमान में यह 96 प्रतिशत है। 11 जून से 17 जून के बीच 513 जिलों में कुल पॉजिटिव केस 5 फीसदी कम सामने आए।
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल की तरफ से जानकारी दी गई कि अध्ययनों से पता चलता है कि टीकाकरण वाले व्यक्तियों में अस्पताल में भर्ती होने की संभावना 75-80 फीसदी कम होती है। वैक्सीनेश करा चुके कोरोना संक्रमित मरीजों में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखने की आवश्यकता होने की संभावना लगभग 8 प्रतिशत होती है। वहीं, टीकाकरण वाले व्यक्तियों में आईसीयू में प्रवेश का जोखिम सिर्फ 6 फीसदी होता है।
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दूसरी लहर में बच्चे भी हुए संक्रमित
डॉ वीके पॉल ने आगे कहा, WHO-AIIMS की स्टडी से पता चलता है कि 18 वर्ष से कम और 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में सेरोपोसिटिविटी या एंटीबॉडीज लगभग बराबर होती है। 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों और 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों में सेरोपोसिटिविटी दर 67% और 59% है। शहरी क्षेत्रों में यह 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों में 78 फीसदी और 18 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों में 79 फीसदी है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों में सेरोपोसिटिविटी दर 56% और 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में 63% पाई गई। जानकारी से पता चलता है कि कोरोना वायरस से बच्चे भी संक्रमित थे लेकिन उनमें बहुत हल्के लक्षण पाए गए। कोविड की तीसरी लहर के दौरान बच्चों में संक्रमण के अलग-अलग मामले हो सकते हैं।












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