Bihar Election: क्या सिर्फ बिहार चुनाव के लिए किया GST में बदलाव? वित्त मंत्री ने अब दिया आरोपों का जवाब
देश में जीएसटी 2.0 सुधारों को लेकर चर्चा अपने चरम पर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स दरों में ऐतिहासिक कटौती के बाद पहली बार प्रतिक्रिया दी और विपक्षी आरोपों पर भी करारा जवाब दिया। उन्होंने बताया कि ये सुधार विपक्ष के दबाव में नहीं बल्कि आम लोगों के जरूरत को देखते हुए किए गये हैं। इस दौरान उन्होंने कई अहम बातें कही।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पहले जीएसटी को 'गब्बर सिंह टैक्स' कहकर मजाक उड़ाते थे, वही अब सरकार के जीएसटी 2.0 सुधारों का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं।

राहुल गांधी को लेकर क्या बोलीं वित्त मंत्री?
आज तक के साथ खास बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि सरकार ने नौ साल तक राहुल गांधी के सुझावों को नजरअंदाज किया और अब अचानक बदलाव किए हैं। इस पर सीतारमण ने दो टूक कहा कि सुधार विपक्ष के दबाव से नहीं, बल्कि आम लोगों की जरूरतों को देखते हुए किए गए हैं।
सरकार का आम जनता पर फोकस
सीतारमण ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मकसद आम लोगों पर टैक्स का बोझ कम करना है। उन्होंने कहा कि पीएम ने लाल किले से अपने भाषण में साफ किया था कि नया जीएसटी 140 करोड़ भारतीयों के लिए है।
किसानों और छोटे कारोबारियों को लेकर क्या कहा?
वित्त मंत्री ने कहा कि नए जीएसटी सुधार किसानों और एमएसएमई (छोटे-मंझोले उद्योगों) के हित में हैं। उन्होंने साफ किया कि यह सुधार सिर्फ बिहार नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए हैं। उपभोग वाले राज्यों जैसे बिहार में रेट कटौती से मांग बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
सीतारमण ने भरोसा दिलाया कि जीएसटी रेट कम होने का सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री ने आश्वासन दिया है कि वह टैक्स कटौती का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाएगी।
अंतरराष्ट्रीय दबाव और ट्रंप को लेकर क्या कहा?
विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार डेढ़ साल से ज्यादा समय से जीएसटी सुधारों पर काम कर रही थी। ये बदलाव किसी अंतरराष्ट्रीय दबाव या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों की वजह से नहीं हुए, बल्कि भारत की अपनी जरूरतों के हिसाब से किए गए हैं।
राजस्व पर असर को लेकर उठे सवाल पर सीतारमण ने कहा कि जीएसटी काउंसिल में केंद्र और राज्य दोनों शामिल हैं, और असर दोनों पर समान रूप से पड़ता है। उन्होंने कहा कि, 'हम राज्य को दान नहीं दे रहे, बल्कि दोनों ने मिलकर टैक्स छोड़कर जीएसटी को एक साझा ढांचे में बनाया है।'
विपक्ष को नसीहत
सीतारमण ने विपक्ष को नसीहत दी कि जीएसटी जैसे अहम मुद्दे पर बोलने से पहले उन्हें 'होमवर्क' करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष की अज्ञानता अब जनता के सामने खुलकर आ गई है। आज तक से खास बातचीत में सीतारमण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान का समर्थन किया कि जीएसटी 'गुड एंड सिंपल टैक्स' है। उन्होंने कहा कि जीएसटी 2.0 सुधार इसे और ज्यादा आसान और असरदार बना देंगे।












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