IIT खड़गपुर में कोरोना टेस्ट के लिए विकसित की नई टेक्नोलॉजी, 400 रुपए में संभव होगा टेस्ट!
नई दिल्ली। आईआईटी खड़गपुर के शोधकर्ताओं ने कोरोना रैपिड टेस्ट के लिए एक नई टेक्नोलॉजी विकसित करने का दावा किया है। इस अल्ट्रा-पोर्टेबल डिवाइस की कीमत 400 रुपए बताई जा रही है। यह डिवाइस एक मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए जांच के एक घंटे के भीतर परीक्षण के परिणाम देने में सक्षम बताई जा रही है, जबकि मौजूदा समय में आरटी-पीसी आर टेस्ट के परिणाम आने में आधे दिन से अधिक समय लग जाते हैं।


फिलहाल आरटी-पीसीआर टेस्ट में 2000 से 2400 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं
फिलहाल, अभी कोरोना टेस्ट के लिए आमतौर पर आरटी-पीसीआर टेस्ट में लोगों को 2000 से 2400 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं और अगर आईआईटी खड़गपुर द्वारा विकसित अल्ट्रा पोर्टेबल डिवाइस सभी मानकों पर खरी उतरती है तो यह न केवल रैपिड टेस्टिंग के लिहाज से फायदेमंद साबित होगा, बल्कि कम कीमत में लोगों में टेस्ट संभव हो सकेगा।

विकसित कोरोना टेस्ट डिवाइस का नामकरण नोवल टेक्नोलॉजी किया गया है।
आईआईटी खड़गपुर द्वारा विकसित कोरोना टेस्ट डिवाइस का नामकरण नोवल टेक्नोलॉजी रखा गया है। इस डिवाइस को शनिवार यानी 25 जुलाई को सुबह 11:30 बजे लगभग लॉन्च किया गया। आईआईटी खड़गपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर सुमन चक्रवर्ती ने एक वेबिनार में COVID-19 के लिए गैर-इनवेसिव रैपिड डिटेक्शन टेस्ट डिवाइस के पीछे की तकनीकी विशिष्टताओं पर विस्तार से चर्चा की।

नई तकनीक आरटी-पीसीआर परीक्षण के समान सटीक हैः शोधकर्ता
नोवल टेक्नोलॉजी कोरोना टेस्टिंग डिवाइस के शोधकर्ताओं का कहना है कि कोरोनावायरस के लगभग 500 सिंथेटिक नमूनों के साथ परीक्षण के आधार पर नई तकनीक आरटी-पीसीआर परीक्षण के समान सटीक है, जिसे परीक्षण के लिए बेहतर मानक माना जाता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक उनका डिवाइस आरटी-पीसीआर परीक्षण की तुलना में बहुत तेज है, जिसके परिणाम आने में कम से कम आधे दिन लगते हैं।












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