Netaji Jayanti 2024: ममता ने चुनावी वर्ष में नेताजी के नाम पर बीजेपी को घेरा, तो पार्टी ने तथ्यों से दिया जवाब
Netaji Subhash Chandra Bose Jayanti 2024: देश मंगलवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 127वीं जयंती मना रहा है। लेकिन, बंगाल में इस दिन को भी राजनीति के अवसर के तौर पर भुनाने की कोशिश की गई है।
कोलकाता में नेताजी की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौजूद थीं। इस मौके पर उन्होंने जो सवाल उठाए हैं और जिस तरह का बयान दिया है, उसे पूरी तरह से राजनीतिक समझा जा रहा है।

नेताजी के गायब होने के 'रहस्य' पर ममता ने बीजेपी को घेरा
टीएमसी सुप्रीमो ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये बहुत ही शर्म की बात है कि इतने वर्षों बाद किसी को नहीं पता की नेताजी के साथ हुआ क्या था। न ही उनके निधन की तारीख के बारे में कुछ भी पता है।
आने वाले कुछ महीनों में देश में लोकसभा चुनाव होने हैं। उससे पहले सीएम ने प्रदेश में मुख्य विपक्षी बीजेपी पर नेताजी के लापता होने की जांच नहीं करवाने का आरोप लगाया है।
ममता के मुताबिक, 'बीजेपी ने सत्ता में आने से पहले नेताजी के लापता होने की जांच कराने का वादा दिया था, लेकिन वह अब भूल चुकी है।'
प्राण प्रतिष्ठा पर छुट्टी को लेकर उठाए सवाल
इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा पर केंद्र सरकार के कार्यालयों में आधे दिन की छुट्टी का मुद्दा उठाते हुए यह दांव भी चलने की कोशिश कर दी कि 'मैंने 20 वर्षों तक नेताजी की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करवाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके लिए मुझे कृप्या माफ कीजिए।'
ममता ने अयोध्या के संदर्भ को जोड़ते हुए बड़ी ही स्पष्टता के साथ कहा कि राजनीतिक विज्ञापनों के लिए तो छुट्टियां घोषित की जाती हैं, लेकिन देश की स्वतंत्रता के लिए लड़ने वालों के लिए कुछ भी घोषित नहीं किया जाता है।
बीजेपी ने कर्तव्य पथ पर नेताजी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए पीएम मोदी को सराहा
नेताजी पर ही आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में विधानसभा चुनावों में ममता को हराने वाले बीजेपी नेता और पश्चिम बंगाल असेंबली में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने यह बताने की कोशिश की कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस को केंद्र में सत्ताधारी बीजेपी सरकार ने किस तरह से सम्मानित करने का काम किया है।
उन्होंने मीडिया से कहा, 'आज हम पराक्रम दिवस मनाकर नेताजी को अपनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं। दिल्ली में कर्तव्य पथ पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित करने के लिए हम प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हैं।'
पराक्रम दिवस पर पीएम मोदी की मौजूदगी में लालकिले पर मुख्य कार्यक्रम
दरअसल केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पराक्रम दिवस के मौके पर 9 दिवसीय पराक्रम उत्सव आयोजित की है। मुख्य कार्यक्रम लालकिले पर आयोजित किया गया है।
इस दौरान नेताजी के जीवन से आधारित कई तरह के कार्यक्रम, वर्कशॉप और प्रदर्शनी आयोजित किए जा रहे हैं। इंडियन नेशनल आर्मी (आर्मी) के दिग्गजों को भी सम्मानित किया जा रहा है। इसके साथ ही भारत पर्व 2024 की भी डिजिटल लॉन्चिंग की जा रही है।
पराक्रम दिवस मनाने की परंपरा मोदी सरकार ने शुरू की
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर हर साल 23 जनवरी को पराक्रम दिवस मनाए जाने की शुरुआत 2021 से हुई है। उस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही इसकी घोषणा की थी। हर साल इस अवसर पर लालकिले पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित होता है, जिसमें खुद प्रधानमंत्री शामिल होते हैं।
नेताजी का नाम तो पूरे देश में लोकप्रिय है। लेकिन, बंगाल में आज भी वे एक विशेष अहमियत रखते हैं। यही वजह है कि बंगाल की राजनीति में नेताजी का नाम और सम्मान बहुत ज्यादा मायने रखता है।
बीते वर्षों में मोदी सरकार ने नेताजी के सम्मान के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिसमें इंडिया गेट के पास उनकी शानदार प्रतिमा स्थापित करना भी शामिल है। शायद यही वजह है कि ममता उनके निधन की जांच का मुद्दा उठाकर बीजेपी की दुखती रग को दबाना चाहती हैं।












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