NEET 2026 Cancelled: 'Private Mafia' WhatsApp ग्रुप से CBI जांच तक, जानें पेपर लीक का पूरा सच और Re-Exam डेट
NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद ने देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा को NTA ने रद कर दिया है। अब 22 लाख से ज्यादा छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी होगी। मामले की जांच अब CBI कर रही है, जिसने कई राज्यों में छापेमारी कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जांच एजेंसियों का दावा है कि यह एक संगठित नेटवर्क था, जिसमें मेडिकल छात्र, कोचिंग सेंटर, हॉस्टल संचालक और सोशल मीडिया ग्रुप्स शामिल थे। कथित तौर पर Telegram और WhatsApp के जरिए लाखों रुपये लेकर सवाल बांटे गए। इस विवाद के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और NEET को खत्म करने की मांग फिर उठने लगी है।

NEET परीक्षा रद होने के बाद मचा हंगामा
NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में भारत और विदेशों से करीब 22.79 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा खत्म होने के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर पेपर लीक के आरोप सामने आने लगे। कई Telegram चैनल और WhatsApp ग्रुप्स में कथित सवाल वायरल होने की बात कही गई।
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जांच एजेंसियों को शुरुआती जांच में कुछ डिजिटल सबूत मिले, जिसके बाद NTA ने 12 मई को परीक्षा रद करने का फैसला लिया। एजेंसी ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था।
CBI जांच में क्या सामने आया?
केंद्र सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंप दी। एजेंसी अब मोबाइल फोन, लैपटॉप, चैट रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है। जांच में महाराष्ट्र के धनंजय लोखंडे, नासिक के शुभम खैरनार, गुरुग्राम के यश यादव और राजस्थान के दिनेश बिवाल, मंगीलाल बिवाल और विकास बिवाल के नाम सामने आए हैं।
CBI का दावा है कि धनंजय लोखंडे ने कथित तौर पर पेपर शुभम खैरनार को 10 लाख रुपये में दिया। इसके बाद शुभम ने वही पेपर यश यादव तक 15 लाख रुपये में पहुंचाया। बाद में यह राजस्थान के बिवाल परिवार तक पहुंचा और वहां से इसे और ज्यादा रकम लेकर आगे बेचा गया।

कोचिंग हब और सोशल मीडिया नेटवर्क जांच के घेरे में
जांच एजेंसियों के अनुसार कथित पेपर राजस्थान के कोचिंग हब सीकर तक भी पहुंचा था। कुछ काउंसलर, हॉस्टल संचालक और कोचिंग संस्थानों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि परीक्षा से पहले छात्रों को 410 सवालों का एक 'गेस पेपर' दिया गया था, जिसमें असली NEET परीक्षा के करीब 130 सवाल शामिल थे।
Telegram चैनल और WhatsApp ग्रुप्स भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। 'Private Mafia' नाम के एक पेड WhatsApp ग्रुप का जिक्र सामने आया है, जिसमें शामिल होने के लिए छात्रों से 5 हजार से 30 हजार रुपये तक लिए जाते थे। एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, केरल और उत्तराखंड तक फैला हुआ था।
महाराष्ट्र में नई कार्रवाई
पुणे पुलिस ने CBI के अनुरोध पर ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे और धनंजय लोखंडे को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों को शक है कि मनीषा छात्रों और आरोपियों के बीच संपर्क का काम करती थी। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन और लैपटॉप भी जब्त किए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन यानी FAIMA ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने और NTA की जगह तकनीकी रूप से मजबूत स्वतंत्र संस्था बनाने की मांग की गई है। याचिका में प्रश्न पत्रों की डिजिटल लॉकिंग और कंप्यूटर आधारित परीक्षा जैसे सुझाव भी दिए गए हैं।
NEET Paper Leak पर राजनीति भी गरमाई
पेपर लीक विवाद को लेकर कांग्रेस, AAP और TMC समेत कई विपक्षी दल केंद्र सरकार पर हमला बोल रहे हैं। AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे की मांग उठाई है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय (C. Joseph Vijay) ने भी इस विवाद के बाद NEET को खत्म करने की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि यह परीक्षा ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है।
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