शॉल ओढ़ने पर कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने क्यों मांगी माफी
नई दिल्ली। कृषि कानूनों (Farmers Protest) के खिलाफ पंजाब में जारी किसान आंदोलन के बीच कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) अपनी एक शॉल को लेकर विवादों में घिर गए। दरअसल, सिद्धू ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो साझा किया जिसमें वह सिखों के धार्मिक प्रतीक वाला शॉल ओढ़े स्थानीय लोगों से किसान आंदोलन (kisan andolan) पर चर्चा कर रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद अकाल तख्त ने सिद्धू के शॉल (Navjot Singh Sidhu shawl) ओढ़ने पर नाराजगी जताई और उनसे मांफी की मांग की।

शॉल को लेकर विवादों में आए सिद्धू
धार्मिक प्रतीक वाले शॉल को लेकर विवाद बढ़ता देख कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी गलती मांगने में समय जाया नहीं किया। उन्होंने ट्वीट कर पूरे घटनाक्रम के लिए माफी मांगी, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी गलत भावना के साथ उन्होंने ऐसा नहीं किया था। कांग्रेस विधायक सिद्धू ने अपने यूट्यूब चैनल 'जीतेगा पंजाब' पंजाब पर वह वीडियो शेयर किया था जिसमें उन्होंने धार्मिक प्रतीक वाला शॉल ओढ़ रखा था।

वीडियो सामने आने के बाद हुआ विवाद
वीडियो में देखा जा सकता है कि नवजोत सिंह सिद्धू अपने बंदूकधारी सुरक्षाबलों के साथ खेतों को बीच से होते हुए जा रहे हैं। इस दौरान उनके कंधे पर डार्क मैरून कलर का एक शॉल है जिसपर सिखों का धार्मिक प्रतीक खंडा और ओंकार छपा हुआ है। पूरे वीडियो में सिद्धू के कंधे पर यह शॉल दिखाई देता है, इस दौरान कुछ स्थानीय किसान भी वहां मौजूद हैं जिससे सिद्धू बात कर रहे हैं।

अकाल तख्त जत्थेदार ने की माफी की मांग
हाल ही में पोस्ट किए गए इस वीडियो के बाद से सिद्धू विवादों में आ गए। अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने मंगलवार को कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू को धार्मिक प्रतीकों वाला शॉल ओढ़कर कथित रूप से सिख समुदाय के लोगों की भावनाएं आहत करने के लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। बता दें कि अकाल तख्त को सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था मानी जाती है।

सिद्धू ने ट्वीट कर दी ये दलील, मांगी माफी
हालांकि अब कांग्रेस नेता सिद्धू ने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए ट्विटर पर सिख समुदाय से माफी मांग ली है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'श्री अकाल तख्त उच्चतम है, अगर मैंने अनजाने में एक भी सिख की भावनाओं को आहत किया है, तो मैं माफी चाहता हूं !! ... लाखों लोग सिखों के श्रद्धेय प्रतीकों को पहनते हैं वह इन्हें पकड़ी और कपड़ों पर लगाते हैं, यहां तक कि कई गर्व के साथ इसका टैटू बनवाते हैं, मैंने भी विनम्र सिख के रूप में बिना किसी गलत भावना के ये शॉल पहनी थी।'
यह भी पढ़ें: Farmer Protest: आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों को मिले मुआवजा, सरकार के सामने किसान नेताओं ने रखी मांग












Click it and Unblock the Notifications