National Milk Day 2018: जानिए राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के बारे में सबकुछ
भारत में अगर दूध के लिए किसी को याद किया जाता है तो वो नाम है वर्गीज कुरियन। देश में श्वेत क्रांति लाने वाले 'फादर ऑफ द व्हाइट रेवेल्यूशन' कुरियन के आइडिया 'ऑपरेशन फ्लड' ने भारत की मिल्क इंड्स्ट्री को हमेशा-हमेशा के लिए बदल के रख दिया।

नई दिल्ली। भारत में अगर दूध के लिए किसी को याद किया जाता है तो वो नाम है वर्गीज कुरियन। देश में श्वेत क्रांति लाने वाले 'फादर ऑफ द व्हाइट रेवेल्यूशन' कुरियन के आइडिया 'ऑपरेशन फ्लड' ने भारत की मिल्क इंड्स्ट्री को हमेशा-हमेशा के लिए बदल के रख दिया। 30 सालों में उन्होंने दूध की कमी से जूझ रहे भारत को विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बनाया। उनके योगदान के लिए उन्हें रैमन मैगसेसे, पद्म विभूषण और वर्ल्ड फूड प्राइज जैसे अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उनके जन्मदिवस, 26 नवंबर को उनके सम्मान में राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया जाता है।

कुरियन के जन्मदिवस पर मनाया जाता है नेशनल मिल्क डे
वर्गीज कुरियन का जन्म 21 नवंबर, 1921 को केरल के कोझिकोड में एक सीरियाई ईसाई परिवार में हुआ था। 'मिल्कमैन' के नाम से जाने जाने वाले वर्गीज कुरियन ने पढ़ाई मैकेनिकल इंजीनियरिंग में की थी। उन्हें डेयरी में पढ़ाई के लिए भारत सरकार से स्कॉलरशिप मिली और इसी के बाद डेयरी की दुनिया में कदम रखा। 1949 में सरकार ने उन्हें आनंद में एक डेयरी में काम करने के लिए भेजा, जहां वो आधे मन से काम करने लगे।

'मिल्कमैन ऑफ इंडिया' और अमूल के संस्थापक हैं कुरियन
आनंद में वो अपनी सरकारी नौकरी छोड़ने का मन बना चुके थे जब त्रिभुवनदास पटेल ने उन्हें रोक लिया और उनसे अपनी डेयरी फार्म लगवाने में मदद की गुजारिश की। कुरियन ने त्रिभुवनदास पटेल के साथ मिलकर कैरा डिस्ट्रिक्ट कॉपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन (जिसे आज अमूल के तौर पर जाना जाता है) के तहत मिल्क कॉपरेटिव मूवमेंट की शुरुआत की। उन्होंने 1970 में 'ऑपरेशन फ्लड' शुरू किया, जिसने भारत के दूध उद्योग को हमेशा के लिए बदल दिया।

भारत को बनाया था सबसे बड़ा दूध उत्पादक
इस ऑपरेशन ने बिचौलियों को हटाकर दूध उत्पादकों को सीधे तौर पर उपभोक्ताओं से जोड़ दिया। इस ऑपरेशन से करीब 700 शहर जुड़े। इस ऑपरेशन ने श्वेत क्रांति को जन्म जिया और भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादत बन गया। अमूल भारत की सबसे बड़ी डेयरी कंपनी बनकर सामने आई। उनके 'आनंद पैटर्न' से प्रभावित होकर तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने इसे पूरे देश में लागू करने के लिए कहा और इसके लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड का गठन किया।

योगदान के लिए कुरियन को मिले कई सम्मान
उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया। फ्रांस के कृषि मंत्रालय ने ऑर्डर ऑफ एग्रीकल्चर मेरिट से नवाजा। उन्हें रेमन मैग्सेसे अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। निर्देशक श्याम बेनेगल ने ऑपरेशन फ्लड पर 'मंथन' नाम की फिल्म भी बनाई। उनके सम्मान में भारत में 26 नवंबर को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया जाता है।












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