National Lok Adalat 2025: दिल्ली-मुंबई में लंबित चालानों पर बड़ी राहत, जानें कौन से केस सुलझाए जाएंगे
National Lok Adalat 2025: दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (DSLSA) 13 सितंबर 2025 (शनिवार) को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन कर रहा है। इस लोक अदालत में सिविल और आपराधिक (कंपाउंडेबल) मामलों सहित दिल्ली ट्रैफिक पुलिस चालान जैसी विभिन्न श्रेणियों के मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया जाएगा।
इसी तरह महाराष्ट्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण भी मुंबई सहित अन्य शहरों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन करेगा।

दिल्ली हाई कोर्ट से लेकर सभी जिला अदालतों में सुनवाई
यह लोक अदालत सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक दिल्ली हाई कोर्ट, सभी जिला अदालतों, ऋण वसूली न्यायाधिकरणों (DRTs), दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, जिला उपभोक्ता फोरम्स और स्थायी लोक अदालतों में आयोजित होगी।
किन-किन मामलों का होगा निपटारा?
आधिकारिक नोटिस के अनुसार, लोक अदालत में निम्नलिखित मामलों की सुनवाई और समझौते होंगे:
- आपराधिक कंपाउंडेबल मामले
- चेक बाउंस केस (धारा 138, NI Act)
- धन वसूली मामले
- मोटर दुर्घटना दावा मामले (MACT)
- श्रम विवाद
- बिजली व पानी के बिल संबंधी विवाद
- वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर)
- भूमि अधिग्रहण मामले
- वेतन, भत्ते और सेवानिवृत्ति लाभ से जुड़े सेवा मामले
- राजस्व से जुड़े मामले (हाई कोर्ट व जिला अदालतों में लंबित)
- अन्य सिविल मामले
- कंपाउंडेबल ट्रैफिक चालान
ट्रैफिक चालान निपटाने की प्रक्रिया
- लोक अदालत में इस बार ट्रैफिक चालान भी बड़ी संख्या में निपटाए जाएंगे।
- 31 मई 2025 तक लंबित कंपाउंडेबल चालान/नोटिस इस लोक अदालत में शामिल किए जाएंगे।
- चालान स्लिप सीधे लिंक से डाउनलोड की जा सकती है: https://traffic.delhipolice.gov.in/notice/lokadalat
- रोजाना अधिकतम 60,000 चालान डाउनलोड किए जा सकेंगे। यह प्रक्रिया 8 सितंबर 2025 से शुरू होकर 1.8 लाख चालानों की सीमा पूरी होने तक चलेगी।
- चालान स्लिप पर अदालत परिसर, अदालत नंबर और सुनवाई का समय अंकित रहेगा, जहां जाकर चालान का निपटारा किया जा सकेगा।
National Lok Adalat 2025: ट्रैफिक चालानों पर भारी छूट
पिछले लोक अदालतों में ट्रैफिक चालानों पर 30% से लेकर 75% तक की छूट दी गई है। कई मामलों में चालान की रकम आधे से भी कम कर दी गई। अधिवक्ता अनुप्रयोगों में 1000 रुपये के चालान को 500 रुपये में निपटाया गया। 'नो PUC' (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र) चालान, जिसकी राशि 10,000 रुपये थी, उसे 2,500 रुपये में सुलझा दिया गया। कई मामलों में 2000 रुपये का चालान 800 रुपये में निपटाया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, छूट की राशि तय नहीं होती और यह न्यायाधीश के विवेक पर निर्भर करती है। छूट 25% से लेकर 90% तक हो सकती है। निपटारे के बाद मामला तुरंत बंद हो जाता है और आगे अपील का विकल्प नहीं रहता।
National Lok Adalat 2025: महाराष्ट्र में भी होगा आयोजन
महाराष्ट्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से भी 13 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। मुंबई सहित अन्य शहरों में भी सिविल, आपराधिक और उपभोक्ता विवाद से जुड़े मामलों का निपटारा होगा। लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का शीघ्र और आपसी सहमति से निपटारा करना है, जिससे न केवल नागरिकों को राहत मिले बल्कि अदालतों का बोझ भी कम हो।












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