बराक ओबामा से कुछ तो सीखो नेताओं

Indian leaders and Obama
बैंगलोर। शनिवार को कश्‍मीर में हुए एनकाउंटर के बाद एक बार फिर से यह सवाल उठने लगे हैं कि क्‍या देश में सेना और इसके सैनिकों के लिए वाकई कोई सम्‍मान नहीं है। अब तो सेना के अफसरों और जवानों में राजनेताओं की इस उदासीनता को देखकर खासा अफसोस है।

पूर्व सैनिकों के माता-पिता भी इस बात को लेकर खासे निराश हैं कि आखिर क्‍यों शहीद को सम्‍मान देने हिचक होती है। लोगों में यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर क्‍यों हमारे नेता अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा की तरह सेनाओं और सैनिकों का सम्‍मान नहीं कर सकते हैं।

काश ओबामा की तरह हमारा दर्द भी कोई समझता
कश्‍मीर के शोपिंया में शनिवार को लश्‍कर-ए-तैयबा के आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में 44 राष्‍ट्रीय राइफल्‍स के मेजर मु‍कुंद वरदराजन और एक सिपाही एनकाउंटर में शहीद हो गया। भारतीय सेना के वरिष्‍ठ अफसर को इस बात का गम है कि देश में सैनिक की परवाह किसी को भी नहीं है।

इस अफसर को इस बात का दुख है कि क्‍यों नहीं हमारे देश के प्रधानमंत्री, राष्‍ट्रपति और रक्षा मंत्री बराक ओबामा की ही तरह किसी पब्लिक रैली में शहीदों को श्रद्धांजलि क्‍यों नहीं देते हैं ? क्‍यों वह उस समय पर शहीदों के लिए दो मिनट का समय तक हीं निकाल सकते हैं? इस अफसर के मुताबिक जब ओबामा की फोटोग्राफ देखते हैं जिसमें वह सैनिकों को गले लगाते हैं तो दुख होता है कि यह सोचकर काश्‍ा हमारे देश के नेता भी कुछ इस तरह से कर सकते।

इस अफसर ने कहा कि गले लगाना तो छो‍ड़िए जब शहीदों के शव उनके गृहनगर पहुंचते हैं ताे भी कोई राजनेता नजर नही आता। इससे ज्‍यादा शर्म की बात और क्‍या होगी? इस वरिष्‍ठ अफसर के मुताबिक इन सबके बावजूद जज्‍बे में कोई कमी नहीं आएगी और हम हर सेकेंड अपने देश की सुरक्षा में तैनात रहेंगे।

वह राजनीति करतें रहें हम अपने बच्‍चे देते रहेंगे
इस एनकाउंटर में शहीद हुए सैनिकों के लिए किसी के मुंह से एक शब्‍द नहीं निकला और इस बात ने देश के लोगों को गुस्‍से से भर दिया है। आम जनता से अलग सेना के अफसर और जवान भी राजनेताओं के रवैये से खासे नाराज हैं। कारगिल शहीद कैप्‍टन सौरभ कालिया के पिता डॉक्‍टर एनके कालिया कहते हैं कि राजनेता राजनीति में व्‍यस्‍त रहें, हम तो अपने बच्‍चे देश के लिए कुर्बान करते रहेंगे।

डॉक्‍टर कालिया के मुताबिक देश के नेता कभी भी बराक ओबामा या फिर लाल बहादुर शास्‍त्री जैसे नहीं हो सकते क्‍योंकि उनके अंदर लालच कूट-कूटकर भरा हुआ है।

डॉक्‍टर कालिया को इस बात पर गर्व है कि उनका बेटे को शहादत हासिल हुई है। इस बात से उनको कोई चिंता नहीं है कि देश का रवैया कैसा है क्‍योंकि युवाओं के जज्‍बे में कोई कमी नहीं आएगी।

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