इस स्वतंत्रता दिवस पर जानें PM मोदी के 8 स्वतंत्र सोच वाले फॉर्मुले
[मयंक दीक्षित] 68वां स्वतंत्रता दिवस हमें आज़ादी और संघर्ष के उन कठिन दिनों की तो याद दिलाएगा ही, इस बार देश अपने नए प्रधानमंत्री से ढेरों उम्मीदें भी संजोएगा। तिरंगे के तीन रंग का संगम हमें एक होकर तरक्की की राह पर चलने के लिए प्रेरित करेगा। विरोधी भी इस दिन राजनीति छोड़ एक-दूसरे से हाथ मिलाते व गले मिलते हैं।
अक्सर हम चर्चा के दौरान अपने देश के राजनेताओं और आकाओं को ज़िम्मेदार ठहराने लगते हैं। पूरा का पूरा दोष उनके कलफ़ लगे कुर्ते पर मढ़ देते हैं व अपनी कमियों को छिपाते हुए लोकतंत्र के साथ लुका-छिपी खेलने में मग्न हो लेते हैं। आइए जानें हमारे नए प्रधानमंत्री की फॉर्म्यूला साइंस को। घुमाएं यह स्लाइडर और पीएम के इन 8 तेज़-तर्रार तरीकों को दें स्वतंत्रता दिवस की बधाई के साथ एक ज़ोरदार सलामी-

4-p
पीएम मोदी ने समावेशी विकास के लिए पीपीपी की नई परिभाषा पेश की। यहां उन्होंने पीपुल्स को साथ लेकर चलने की बात कहीे। योजना-परियोजना में सहभागिता के लिए उन्होंने भाषण-वेबसाइट के ज़रिए जनता की सहभागिता पर ज़ोर दिया।

5T
मोदी ने देश की ब्रांडिंग के लिए एक मंत्र तैयार किया था। 5टी का मंत्र देते हुए उन्होंने टैलेंट, टूरिज्म, टेक्नोलॉजी, ट्रेड और ट्रेडीशन का नाम दिया था। मोदी ने इसे देश के भविष्य की तरकीब बताया था। आगे की रणनीति पर वे इसी राह पर चल रहे हैं।

5F
वर्धा में एक चुनावी सभा में उन्होंने कपास उत्पादक किसानों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए 5एफ का मंत्र दिया। ये थे फॉर्म, फाइबर, फैब्रिक, फैशन व फॉरेन।

3S
चीन से मुकाबला करने के लिए देश को मोदी ने 3 एस का मंत्र सुझाया। ये तीन एस थे- स्किल, स्केल और स्पीड। उन्होंने कहा कि हम इसी फॉर्मूले से हम चाइना की बराबरी कर सकते हैं।

HIT
नेपाल के दौरे पर पीएम मोदी ने एचआइटी के जरिए विकास का मंत्र सुझाया। उन्होंने कहा कि एच से मतलब हाइवे, आइ से इन्फॉर्मेसन, टी से ट्रांस्वे। इसी तरह उन्होंने विकास को सिर्फ भाषणों में नहीं, बल्कि व्यवहारिकता में उतारने के तरीके बताए।

3-IT
देश के बेहतर भविष्य के लिए पीएम ने 3आईअी का मंत्र रखा यह था- इंडियन टैलेंट + इनफॉर्मेसन = टूमॉरो। इस तरह के विचारों से उन्होंने देश की जनता को भरोसा में लिया कि विकास सिर्फ भाषणों में नहीं, बल्कि स्पष्ट फॉर्म्यूले में जन्म लेगा।

MCMD
किसानों को उनकी जमीन पर अधिकतम उत्पादन सुनिश्चित करने की प्रेरण देते हुए उन्होंने मोर क्रॉप मोर ड्रॉप फॉर्म्यूला दिया व ज़ाहिर किया कि उन्हें किसानों की फिक्र है।

RCNRT
जब उद्योगाें की राह में लालफीताशाही ने ब्रेक लगाने की कोशिश की तो उन्हेांने से प्रमुखता से लिया व इस पर रेड कॉर्पेट, नॉट रेड टेप फॉर्म्यूला पेश कर दिया। तो इन फॉर्म्यूलों से वे आगे बढ़ रहे हैं व देश को उनसे काफी उम्मीदें हैं।












Click it and Unblock the Notifications