पवार से मिले थे मोदी, पर आरएसएस ने किया खंडन
मुंबई।
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी 17 जनवरी को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार से मिले, सूत्रों का कहना है कि यह मुलाकात चुनाव बाद गठबंधन के मुद्दे पर आधारित थी। समाचार पत्र लोकमंच में छपी खबर के अनुसार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने इन खबरों से इनकार किया है। बताया जा रहा है कि चुनाव के बाद एनसीपी भाजपा के साथ आ सकती है। हालांकि शरद पवार ने इस मुलाकात से इनकार किया है, उनका कहना है कि मैं मोदी से नहीं मिला, जब राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक होती है, सिर्फ तभी मैं मोदी से मिला। अखबार के अनुसार मोदी की पवार से मुलाकात पर आरएसएस ने नाराजगी भी दिखाई थी। id="toptextpromo">यह
ध्यान देने योग्य है कि शरद पवार पहले भी संकेत दे चुके हैं कि वह यूपीए से अलग हो सकते हैं, वहीं इसके नेता प्रफुल्ल पटेल ने भी गुजरात दंगों में नरेंद्र मोदी को साफ सुथरा बताया था और कहा था कि जब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें क्लीन चिट दे दी है तो उन्हें इसके लिए दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। शरद पवार ने राहुल गांधी की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर भी सवाल उठाये थे, उनके अनुसार राहुल इस पद के योग्य नहीं हैं। ऐसे में यह भी आकलन लगाये जा रहे हैं कि चुनाव बाद राकांपा और भाजपा एक साथ आ सकते हैं। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>बताया
जा रहा है कि मोदी के बढ़ते प्रभाव के कारण यूपीए में टकराव की स्थिति बन गयी है, हो सकता है कि चुनाव आते आते संप्रग बिखर जाए। अभी जल्द ही नेशनल कांफ्रेस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मोदी के अतीत पर टिप्पणी करने के लिए कांग्रेस नेता की आलोचना की थी, अत: चुनाव होने तक नये नये राजनीतिक समीकरणों की उम्मीद की जा रही है।











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