Good News: नैफेड किसानों से सीधे खरीदेगा 5500 करोड़ रुपए के कश्मीरी सेब

बेंगलुरू। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद भारत सरकार कश्मीर घाटी के विकास में तेजी से लग गई है। पर्यटन के बाद कश्मीरियों की आमदनी के सबसे बड़े स्रोत कश्मीरी सेब की खरीदारी के लिए सरकार ने मिशन एप्पल के तहत नैफेड को कश्मीरी सेब की खरीदारी जिम्मेदारी सौंपी है। नैफेड न्यूनतम समर्थन मूल्य से 10 रुपए अधिक मूल्य पर सेब खरीदेगी।

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इस योजना के तहत केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर के सेब किसानों से सीधे सेब खरीदेगी। यह कश्मीरी सेब व्यापारियों के लिए एक बडी सौगात कही जा रही है। नैफेड (National Agricultural Cooperative Marketing Federation of India) कुल यानी 12 सितंबर से कश्मीरी व्यापारियों से सेब खऱीदने का काम शुरू करेगी, जो 15 दिसबंर तक पूरा कर लिया जाएगा। सेब कारोबारियों से सेबों की खरीदारी के बाद उनका पैसा सीधे उनके खातों में भेज दिए जाएंगे।

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गौरतलब है जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा छिनने के बाद से ही घाटी में आशंकि रुप से प्रतिबंध अभी लगा हुआ है, लेकिन सरकार कुछ इलाकों में कड़ाई बरत रही है। जम्मू और कश्मीर के विकास के लिए केंद्र सरकार लगातार वहां पर पैनी नजर रखे हुए है, क्योंकि लगातार क्रॉस बार्डर पर गोलीबारी की घटनाएं बढ़ रही है।

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जम्मू-कश्मीर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार जल्द ही निवेशकों को राज्य में आकर्षित करने के लिए एक समिट का आयोजन कराने जा रही है, जिसमें दुनिया भर के निवेशकों के हिस्सा लेने की उम्मीद जताई जा रही है।

फिलहाल, कश्मीर में शांति बहाली के प्रयास जारी हैं। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा है कि घाटी में हालात सामान्य होने में अभी थोड़ा और वक्त लगेगा। डीजीपी ने कहा कि कश्मीर में स्थितियां सुधर रही हैं और बीते 35 दिनों में हालात शांतिपूर्ण रहे हैं।

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हालांकि डीजीपी ने यह भी कहा कि घाटी में हालात सामान्य होने में अभी थोड़ा और वक्त लगेगा। डीजीपी ने बताया कि कश्मीर के 90 फीसदी इलाकों में से पाबंदियां हटा ली गई हैं और सभी टेलिफोन एक्सचेंज में सेवाओं को बहाल कर दिया गया है। डीजीपी ने कहा कि जम्मू संभाग के सभी हिस्सों में किसी भी प्रकार की पाबंदी नहीं है और यहां हालात पूरी तरह से सामान्य हो चुके हैं।

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बताया जाता है NAFED करीब 5500 करोड़ रुपए सेबों की खरीदारी में खर्च करेगी, जिससे करीब 50 हजार लोगों को सीधे रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है। नैफेड जम्मू कश्मीर के श्रीनगर, शोपियां, सोपोर की मंडियों से सीधे सेबों की खरीदारी करेगी।

नैफेड इसके बाद क्वॉलिटी कमेटी सेबों की किस्मों की ग्रेडिंग तय करेगी। यह प्राइस कमेटी सभी कैटेगरी के सेब की कीमत तय करेगी। जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव इस पूरी प्रक्रिया में को-ऑर्डिनेट करेंगे और यह पूरा काम कृषि और गृह मंत्रालय की निगरानी में होगा।

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बाजार मूल्य से 10 रुपये अधिक किसानों को देगा NAFED

बाजार मूल्य से 10 रुपये अधिक किसानों को देगा NAFED

जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मालिक ने पिछले दिनों घोषणा की थी कि नैफेड कश्मीर घाटी के सेब उत्पादकों की मदद करने के प्लान पर काम कर रहा है। योजना के मुताबिक नैफेड सेब का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बाजार मूल्य से 10 रुपये अधिक किसानों को देगा। राज्यपाल के मुताबिक नैफेड कश्मीर से 5,500 करोड़ रुपये का सेब भी खरीदेगा, जो कुल उत्पादन के 50% से अधिक होगा।

67 फीसदी कश्मीरी सेब व्यवसाय से जुड़े हैं

67 फीसदी कश्मीरी सेब व्यवसाय से जुड़े हैं

जम्मू कश्मीर में 67% कश्मीरी यानी 7 लाख परिवार सेब व्यवसाय पर निर्भर है। देश के कुल सेब उत्पादन का 79.3% का हिस्सा कश्मीर में पैदा होता है। जम्मू कश्मीर से सालाना 6,500 करोड़ रुपये के सेबों निर्यात होता है। पिछले साल कश्मीर में 20 लाख मैट्रिक टन सेब का उत्पादन हुआ है।

 500 करोड़ का हैनड्राई फ्रूट का सालाना कारोबार

500 करोड़ का हैनड्राई फ्रूट का सालाना कारोबार

अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर के ड्राई-फ्रूट कारोबार भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। दरअसल, कश्मीरी अखरोट उत्पादन में 91%, सेब में 70%, बादाम में 90%, चेरी और केसर की उपज में भी 90% हिस्सेदारी है। ड्राई फ्रूट का सालाना कारोबार में करीब 500 करोड़ रुपए का हिस्सा है। हर साल होने वाले 23.535 मीट्रिक टन पैदावार में सेब, चीड़, नाशपाती जैसे फलों का 20.35 लाख मीट्रिक टन योगदान है। इसमें सूखे मेवे की हिस्सेदारी 2.80 लाख मीट्रिक टन होती है। मालूम हो, घाटी की करीब 3.3 लाख हेक्टेयर जमीन का उपयोग फल और सूखे मेवे उगाने के लिए किया जाता है।

थोक डीलरों से संपर्क नहीं होने से बढ़ी परेशानी

थोक डीलरों से संपर्क नहीं होने से बढ़ी परेशानी

दक्षिण कश्मीर के सोपोर में संचार का कोई माध्यम नहीं होने से किसानों को बड़ी समस्या हो रही है, जिससे उन्हें अपने फल बेचने के लिए राज्य के थोक डीलरों से संपर्क नहीं कर पा रहा है और सुरक्षा संबंधी चिंताओं की वजह से कोई कश्मीर आने के लिए तैयार नहीं है, जिससे उन्हें उत्पाद औने-पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है।

450-500 रुपए घट गए सेबों के पेटियों के दाम

450-500 रुपए घट गए सेबों के पेटियों के दाम

आम तौर पर 17-18 किलो सेब का एक बॉक्स 700-850 रुपये में बिकता है, लेकिन मजदूर नहीं मिलने और पैकेजिंग की समस्या की दाम गिरकर 450-500 रुपये बॉक्स पर आ गए हैं। वर्ष 2016-17 में बागवानी क्षेत्र ने सेब के बगीचे और अन्य के तहत 7.71 करोड़ रुपए का रोजगार दिया था, लेकिन घाटी में प्रतिबंध के चलते रोजगार प्रभावित हुआ है।

कर्ज चुकाने की अवधि 90 दिन बढ़ाने की सिफारिश

कर्ज चुकाने की अवधि 90 दिन बढ़ाने की सिफारिश

श्रीनगर में स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (SLBC) की अहम बैठक में SLBC का लोन को लेकर राहत देने का बड़ा फैसला लिया गया है। इस बैठक में कर्ज चुकाने की अवधि 90 दिन बढ़ाने की सिफारिश की गई है, यह छूट ग्रामीण और को-ऑपरेटिव बैंक में भी देने की मांग की गई है। SLBC की सिफ़ारिशों पर अब RBI को अंतिम फ़ैसला लेना है।

जम्मू और कश्मीर या लद्दाख में बड़ा भर्ती अभियान

जम्मू और कश्मीर या लद्दाख में बड़ा भर्ती अभियान

जम्मू-कश्मीर के गवर्नर सत्यपाल मलिक के मुताबिक जम्मू-कश्मीर प्रशासन अगले कुछ महीनों में 50,000 रिक्त पदों को भरेगा। गवर्नर मलिक ने भर्ती प्रक्रिया में राज्य के युवाओं से सक्रिय रूप से आगे आने का आग्रह किया है। यह जम्मू और कश्मीर या लद्दाख में अब तक का सबसे बड़ा भर्ती अभियान होगा।

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