टिकट नहीं मिलने से नाराज मुरली मनोहर जोशी ने कही बड़ी बात
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर से सत्ता में वापसी करने के लिए विरोधियों के खिलाफ तमाम रणनीति बना रही है। लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी तमाम उम्मीदवारों को टिकट दे रही है, लेकिन पार्टी के कई दिग्गज नेताओं को टिकट नहीं दिया गया है। दरअसल पार्टी के जिन दिग्गज नेताओं की उम्र 75 वर्ष के पार है उन्हें पार्टी टिकट नहीं दे रही है, जिसमे लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी समेत कई नेता शामिल हैं। हालांकि आडवाणी की तरफ से इसको लेकर कोई बयान नहीं आया है लेकिन मुरली मनोहर जोशी ने पार्टी के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

पार्टी ने चुनाव नहीं लड़वाने का फैसला लिया
पार्टी की ओर से वरिष्ठ नेता और भाजपा संगठन महासचिव रामलाल को इस बात का जिम्मेदारी दी गई थी कि वह उन तमाम वरिष्ठ दिग्गज नेताओं से मुलाकात करें और उन्हें चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान करने को कहे। रामलाल ने मुरली मनोहर जोशी से कहा कि पार्टी ने फैसला लिया है कि आपको चुनाव नहीं लड़वाया जाए, यही नहीं पार्टी चाहती है कि आप खुद इस बात का ऐलान पार्टी कार्यालय में आकर करें। लेकिन मुरली मनोहर जोशी ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया है।

जोशी हुए बगावती
नाराज मुरली मनोहर जोशी ने रामलाल की बात मानने से साफ इनकार करते हुए कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी का यह संस्कार नहीं है, अगर हमे चुनाव नहीं लड़वाने का फैसला पार्टी ने लिया है तो इसकी जानकारी कम से कम पार्टी के अध्यक्ष को हमे देनी चाहिए थी। जोशी ने साफ इनकार कर दिया है कि वह पार्टी कार्यालय में आकर इसका ऐलान नहीं करेंगे। बता दें कि इससे पहले लाल कृष्ण आडवाणी का टिकट काट दिया गया था और उनकी सीट गांधीनगर से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह चुनाव लड़ेंगे। आडवाणी को जिस तरह से टिकट नहीं दिया गया उसकी कांग्रेस नेताओं और शत्रुघ्न सिन्हा ने आलोचना की है।

रामलाल ने दी थी जानकारी
आपको बता दें कि रामलाल ने लालकृष्ण आडवाणी, कलराज मिश्र, शांता कुमार, करिया मुंडा को पार्टी ने टिकट नहीं देने का फैसला लिया। इसकी जानकारी खुद रामलाल ने फोन करके इन नेताओं को दी है। रामलाल ने इन नेताओं को फोन करके कहा कि वह खुद इस बात का ऐलान करें कि लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि अन्य तमाम नेता इस बात के लिए तैयार हो गए हैं, लेकिन लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है।

75 पार मंत्रियों की हुई थी छुट्टी
बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में जीत के बाद पार्टी ने कई ऐसे नेताओं को मंत्री बनाया था जिनकी उम्र 75 वर्ष के करीब थी, जिसमे नजमा हेपतुल्ला और कलराज मिश्र भी शामिल थे। दोनों को ही 75 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद मंत्रालय से छुट्टी कर दी गई थी। पार्टी ने इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन उम्मीदवारों को टिकट नहीं देने का फैसला लिया है जिनकी उम्र 75 वर्ष से अधिक है। लेकिन आडवाणी और जोशी चाहते हैं कि खुद पार्टी अध्यक्ष इस बात की जानकारी दें।












Click it and Unblock the Notifications