टीआरपी घोटाले के मामले में BARC के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता की जमानत याचिका खारिज
मुंबई सत्र न्यायालय ने टीआरपी घोटाले के आरोपी BARC के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता (Partho Dasgupta) को जमानत देने से इंकार कर दिया है
नई दिल्ली। मुंबई सत्र न्यायालय ने टीआरपी घोटाले के आरोपी BARC के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता (Partho Dasgupta) को जमानत देने से इंकार कर दिया है। आपको बता दें कि पार्थो दासगुप्ता को 24 दिसंबर 2020 को कथित टीआरपी घोटाले में गिरफ्तार किया गया था।

मालूम हो कि मंगलवार को मुंबई पुलिस ने इस मामले में कुछ तर्क देकर अदालत से दासगुप्ता को जमानत न देने की गुहार लगाई थी, जिसके बाद अदालत ने उनकी जमानत वाले आवेदन को सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने पुलिस द्वारा पेश किए गए सभी साक्ष्यों का अच्छी तरह अध्ययन करने के बाद पार्थो को जमानत न देने का फैसला सुनाया।
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अभियोजक शिशिर हिरे ने तमाम साक्ष्यों पर गौर करने के बाद कहा कि यदि दासगुप्ता को जमानत दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। अभियोज शिशिर हिरे ने रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी और पार्थो दासगुप्ता के बीच हुए व्हाट्सएप चैट्स पढ़े, जिसमें वे दासगुप्ता की ओर से पीएमओ कार्यालय के साथ मध्यस्थता करने की पेशकश करते हैं, जबकि दूसरे में वह रिपब्लिक को टाइम्स नाउ से आगे बढ़ाने के लिए टीआरपी में हेरफेर करने की बात कहते हैं।
हाल ही में अर्नब गोस्वामी और पार्थो दासगुप्ता के बीच की एक और व्हाट्सएप चैट सोशल मीडिया पर लीक हुई थी जिसमें बालाकोट एयरस्ट्राइक का भी जिक्र है, जिसके मुताबिक अर्नब ने बालाकोट एयरस्ट्राइक से पहले ही पार्थो से कहा था कि कुछ बड़ा होने वाला है। इसके बाद तमाम विपक्षी दलों ने भाजपा पर देश की सुरक्षा के साथ समझौता करने के आरोप भी लगाए थे।












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