टीआरपी घोटाला केस में BARC के पूर्व सीओओ रोमिल रामगढ़िया गिरफ्तार
टीआरपी घोटाला केस में BARC के पूर्व सीओओ रोमिल रामगढ़िया गिरफ्तार
नई दिल्ली। टीआरपी घोटाला मामले में मुंबई पुलिस ने ब्रॉडकास्टम ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के पूर्व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) रोमिल रामगढ़िया को गिरफ्तार किया है। मुंबई पुलिस ने गुरुवार को रामगढ़िया की गिरफ्तारी की है। रामगढ़िया करीब छह साल तक देश में टीवी चैनल्स की टीआरपी बताने वाली संस्था ब्रॉडकास्टम ऑडियंस रिसर्च काउंसिल से जुड़े रहे हैं।

टीआरपी मामले की जांच कर रही मुंबई अपराध शाखा की टीम ने रोमिल रामगढ़िया को गिरफ्तार कर लिया। रामगढ़िया को शुक्रवार को स्थानीय अदालत में पेश किया जा सकता है। रोमिल रामगढ़िया ने 2014 में बार्क इंडिया में चीफ बिजनेस ऑफिसर के तौर पर जॉइन किया था। इसी साल जुलाई में उन्होंने बार्क इंडिया में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के पद से इस्तीफा दिया था।
टीआरपी घोटाला मामले में अब तक 14 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इसी हफ्ते पुलिस ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के सीईओ विकास खानचंदानी को गिरफ्तार किया गया था।
क्या है टीआरपी गोटाला
फेक टीआरपी घोटाले का ये मामला इस साल अक्टूबर में सामने आया था। रेटिंग एजेंसी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) ने हंसा रिसर्च ग्रुप के जरिए एक शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ टीवी चैनल टीआरपी के नंबरों में हेराफेरी कर रहे हैं। बार्क ने कुछ घरों में टीवी के दर्शकों की संख्या रिकॉर्ड करने वाले बैरोमीटर लगाने का जिम्मा हंसा को दिया था। आरोप है कि जिन कुछ घरों में बैरोमीटर लगाए गए थे, उनमें से कुछ परिवारों को रिश्वत देकर टीवी पर कुछ विशेष चैनल चलाने के लिए कहा गया, ताकि उनकी टीआरपी बढ़ सके। मामला दर्ज होने के बाद मुंबई पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि इन घरों में से कुछ को रिपब्लिक टीवी और कुछ अन्य चैनलों को देखने के लिए अलग से पैसे दिए जा रहे थे।












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