Mother's Day 2025: कब है मडर्स डे, क्या है इस दिन का महत्व और कब से शुरू हुई ये परंपरा
Mother's Day 2025: हर रिश्ता दुनिया में समय और परिस्थिति से बदलता है, मगर एक रिश्ता ऐसा है जो जन्म से पहले से शुरू होकर जीवन की अंतिम सांस तक हमारे साथ चलता है - वह है 'मां' का रिश्ता। मां सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि एक भाव है। ममता, त्याग, प्रेम, सहनशीलता और बलिदान की प्रतिमूर्ति।
मां वह शक्ति है जो न थकती है, न टूटती है और न ही शर्तों के तराजू पर अपने प्यार को तोलती है। इसी अद्वितीय मातृत्व को सम्मान देने और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिए हर वर्ष 'मदर्स डे' (Mother's Day) मनाया जाता है।

हर साल मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। साल 2025 में यह दिन 11 मई को मानाया जाएगा जो मां का त्याग,प्रेम और देखभाल के प्रति हमारा आभार प्रकट करने का सुनहरा अवसर है।
Mother's Day 2025: ऐसे शुरू हुई मदर्स डे की परंपरा
मदर्स डे की जड़ें इतिहास के गहरे गर्त में छिपी हैं। प्राचीन यूनान और रोम में देवियों की पूजा होती थी, जो मातृत्व, उर्वरता और करुणा का प्रतीक मानी जाती थीं। ग्रीस में 'सिबेले' नामक देवी की पूजा की जाती थी, जबकि रोम में 'मैटर डिया' को मातृत्व की देवी माना गया। वसंत ऋतु में उनके लिए विशेष उत्सव आयोजित होते थे, जिनमें माताओं का सम्मान किया जाता था।
Mother's Day 2025: आधुनिक मदर्स डे की शुरुआत
हालांकि माताओं के सम्मान की परंपरा प्राचीन रही है, लेकिन आधुनिक 'मदर्स डे' की नींव अमेरिका में रखी गई। इसकी शुरुआत 1908 में एना जार्विस नामक महिला ने की, जिन्होंने अपनी मां एनी जार्विस की स्मृति में यह दिन समर्पित किया। एनी जार्विस एक समाजसेविका थीं जिन्होंने महिलाओं और माताओं के स्वास्थ्य, अधिकार और सम्मान के लिए कार्य किया। अपनी मां की मृत्यु के बाद, एना ने संकल्प लिया कि हर मां को वह सम्मान मिलना चाहिए जिसकी वह अधिकारी है।
उन्होंने अभियान चलाया कि मई के दूसरे रविवार को 'Mother's Day' के रूप में मनाया जाए। 1912 में उन्होंने 'मदर्स डे इंटरनेशनल एसोसिएशन' की स्थापना की और इस दिन को आधिकारिक मान्यता दिलाने के लिए अथक प्रयास किया। उनकी मेहनत रंग लाई जब 8 मई, 1914 को अमेरिकी कांग्रेस ने कानून पारित कर दिया।
इसके बाद मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे घोषित किया और अगले ही दिन, राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने इसे राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मान्यता दी। पहला आधिकारिक मदर्स डे 10 मई 1914 को मनाया गया। विशेष बात यह रही कि इस अवकाश को न केवल मां के सम्मान में घोषित किया गया, बल्कि विशेष रूप से उन माताओं के लिए भी जो युद्ध में अपने बेटे खो चुकी थीं।
Mother's Day 2025: सफेद कार्नेशन के फूल का है गहरा अर्थ
मदर्स डे का प्रतीक सफेद कार्नेशन (White Carnation) का फूल है। एना जार्विस ने इसे मां के निस्वार्थ प्रेम और पवित्रता का प्रतीक माना। आज भी यह फूल इस दिन पर मां को अर्पित किया जाता है - जीवित मां के लिए गुलाबी या लाल और दिवंगत मां के लिए सफेद कार्नेशन का फूल दिया जाता है।
आज मदर्स डे न केवल अमेरिका बल्कि दुनिया के 100 से भी अधिक देशों में मनाया जाता है। हालांकि इसकी तारीखें विभिन्न देशों में अलग-अलग होती हैं, मगर उद्देश्य एक ही है - मां के प्रति प्रेम और सम्मान। भारत में भी यह दिन अब बड़े पैमाने पर मनाया जाने लगा है, विशेषकर शहरी क्षेत्रों में।
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