मां-बेटे ने साथ दी 12वीं की परीक्षा लेकिन मां आयी 1st डीवीजन और बेटा 3rd डीवीजन
डिब्रूगढ़। ऐसे कम ही मामले सामने आये होंगे जब मां और बेटे ने साथ में 12 वीं की परीक्षा साथ दी हो। लेकिन असम बोर्ड की परीक्षा में इस मां ने बेटे को पीछे छोड़ते हुए बेटे से ज्यादा अंक हासिल करके साबित कर दिया कि पढ़ने-लिखने की कोई उम्र नहीं होती और कभी भी आप किसी से भी आगे निकल सकते हैं।

असम के डिब्रूगढ़ जिले में नयनमोनी बेजबरुआ ने अपने 18 वर्षीय बेटे को बोर्ड की परीक्षा में पीछे छोड़ते हुए 69.8 प्रतिशत अंकों के साथ बोर्ड की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की। वहीं बेजबरुआ के बेटे अंकुर ने मुश्किल से बोर्ड की परीक्षा को पास करने में सफलता हासिल की है। अंकुर ने तृतीय श्रेणी में परीक्षा को पास किया है।
अंकुर अपने पिता के साथ सब्जी बेचकर घर को चलाने में परिवार की मदद करता है। बेजबरुआ के तीन बेटे व एक बेटी है, जिनमें अंकुर उनका सबसे बड़ा लड़का है।
नयनमोनी के तीन लड़कों और एक लड़की में अंकुर सबसे बड़ा है। वहीं परीक्षा के परिणाम आने पर बेजबरुआ ने कहा कि अगर मेरा बेटा बेहतर अंकों से पास होता तो उसका कैरियर अच्छा हो सकता था और हमारे घर की गरीबी भी दूर हो सकती थी।
बेजबरुआ ने बताया कि जब सारे काम करने के बाद वह अपने बच्चों को सुला देती थी तो वह सुबह चार बजे उठकर अपने गांव से 12 किलोमीटर साइकिल से स्कूल पढ़ने जाती थी। उन्होंने बताया कि वह अपने घर का सारा काम जल्दी से जल्दी खत्म करके हर हाल में स्कूल पहुंचने का प्रयास करती थी।












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