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Mood Survey: 'INDIA' ब्लॉक को कहां चोट देकर NDA ने घसीटीं 116 सीटें? जनता के दिल से क्यों उतरे राहुल? जानें

Mood Survey 2025: राहुल गांधी की 'वोट चोरी' की हुंकार और बिहार की 'वोटर अधिकार यात्रा' ने सियासी हलचल तो मचाई, लेकिन इंडिया टुडे-सीवोटर का मूड ऑफ द नेशन (MOTN) सर्वे (28 अगस्त 2025) बताता है कि नरेंद्र मोदी की NDA अभी भी सियासत की सुपरपावर है। पहलगाम हमले के बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' ने मोदी की 'घर में घुसकर मारेंगे' छवि को और चमकाया, तो ट्रंप के 50% टैरिफ के जवाब में 'स्वदेशी' नारे ने जनता का दिल जीत लिया।

दूसरी तरफ, राहुल के बिहार SIR विवाद और 'वोट चोरी' कैंपेन ने INDIA गठबंधन को कितना नुकसान पहुंचाया? MOTN सर्वे का जवाब साफ है- INDIA ब्लॉक NDA से 116 सीटें पीछे! आइए, इस सियासी जंग के हर कोण को खंगालते हैं और जानते हैं, राहुल की कहां हुई चूक?

Mood Survey 2025

MOTN सर्वे का बंपर खुलासा: NDA 324, INDIA 208

इंडिया टुडे-सीवोटर के MOTN सर्वे (1 जुलाई-14 अगस्त 2025) में 2,06,826 लोगों की राय ली गई। अगर आज लोकसभा चुनाव हों, तो:-

  • NDA की धमक: 324 सीटें (2024 में 293, फरवरी 2025 MOTN में 343)। BJP अकेले 260 सीटें (2024 में 240, फरवरी में 281)।
  • INDIA का पतन: INDIA गठबंधन 234 सीटों (2024) से गिरकर 208 पर। कांग्रेस 99 से 97 सीटों पर, फरवरी के 78 से बेहतर, लेकिन कमजोरी बरकरार।
  • वोट शेयर: NDA का 46.7% (2024 में 44%), INDIA का 40.9% (2024 में 41.6%)। NDA की 5.8% वोट शेयर की बढ़त।
  • सीटों का अंतर: NDA, INDIA से 116 सीटेंआगे, जो महाराष्ट्र, हरियाणा, और दिल्ली में NDA की विधानसभा जीत और विपक्ष की फूट का नतीजा है।

NDA की जीत की वजह: कहां चोट, कैसे घसीटीं 116 सीटें?

इंडिया टुडे-सीवोटर MOTN सर्वे (28 अगस्त 2025) में NDA को 324 सीटें और INDIA गठबंधन को 208 सीटें मिलने का अनुमान है। NDA की 116 सीटों की लीड के पीछे ये प्रमुख कारण हैं:-

मोदी का करिश्मा:

  • ऑपरेशन सिंदूर: अप्रैल 2025 में पहलगाम हमले (26 मरे) के बाद भारत ने 22 मिनट में 9 आतंकी ठिकाने उड़ाए। MOTN में 62% ने इसे 'राष्ट्रीय गर्व' माना।
  • स्वदेशी जवाब: ट्रंप के 50% टैरिफ पर मोदी की GST कटौती और 12 बिलियन डॉलर की टैक्स राहत ने 55% जनता का समर्थन जीता।

2. क्षेत्रीय जीत का जादू:

  • महाराष्ट्र: NDA की 230 सीटों (BJP: 122, शिवसेना: 57, NCP: 51) ने MVA को धूल चटाई।
  • हरियाणा: BJP की 48 सीटें और JJP का साथ।
  • दिल्ली: AAP का सूपड़ा साफ, BJP की 48/70 सीटें।
  • ओडिशा: BJD का किला ढहाकर BJP ने 78 सीटें जीतीं।

3. विपक्ष की कमजोरी:

  • INDIA की फूट: ममता बनर्जी (TMC) और केजरीवाल (AAP) की अलग राह ने गठबंधन को कमजोर किया। MOTN में ममता को 14%, केजरीवाल को 9%, और राहुल को 22% समर्थन।
  • राहुल की 'वोट चोरी' फेल: बिहार SIR पर राहुल के दावों को सिर्फ 32% ने विश्वसनीय माना, 58% ने इसे 'हताशा' कहा। EC ने उनके दावों को 'झूठा नैरेटिव' बताया।

4. BJP की रणनीति:

  • हिंदुत्व और राष्ट्रवाद: RSS प्रमुख मोहन भागवत के 'हम दो, हमारे तीन' और धर्मांतरण विरोधी बयान ने BJP के कोर वोटरों को बांधे रखा।
  • आर्थिक कदम: GST कटौती और टैक्स राहत ने मध्यम वर्ग को लुभाया।

NDA का सियासी नक्शा: 19 राज्य + 2 UTs बने मास्टस्ट्रोक!

नरेंद्र मोदी की अगुवाई में NDA (BJP + सहयोगी) ने भारत के सियासी नक्शे पर अपनी बादशाहत कायम रखी है। NDA 19 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों (UTs) में सत्ता में है, जिसमें BJP अकेले 13 राज्यों में बहुमत के साथ शासन कर रही है। बाकी 6 राज्यों और 2 UTs में NDA सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार चला रही है।

राहुल गांधी की 'वोट चोरी' यात्रा और बिहार SIR विवाद के बावजूद NDA की यह मजबूत पकड़ दिखाती है कि जनता का भरोसा अभी भी मोदी और उनकी टीम पर कायम है। NDA ने 19 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों में अपनी सरकार बनाई है। इसमें BJP की एकछत्र सत्ता और सहयोगियों की ताकत ने विपक्ष को चारों खाने चित कर दिया। समझें-

BJP की एकल सत्ता: 13 राज्यों में बादशाहत

BJP ने 13 राज्यों में अकेले बहुमत के साथ सरकार बनाई है। इनमें हाल की बड़ी जीतें शामिल हैं:

  • छत्तीसगढ़ (2023): BJP ने 90 में से 54 सीटें जीतीं, कांग्रेस को 35 पर पटखनी दी। CM विष्णु देव साय की आदिवासी अपील और 'मोदी की गारंटी' ने काम किया।
  • गुजरात (2022): BJP ने 182 में से 156 सीटों पर कब्जा किया-अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन। CM भूपेंद्र पटेल की स्वच्छ छवि और मोदी का गृह राज्य होने का फायदा।
  • हरियाणा (2024): BJP ने 90 में से 48 सीटें जीतीं, NDA सहयोगियों (JJP) के साथ सरकार। नायब सिंह सैनी की अगुवाई में AAP और कांग्रेस को करारी शिकस्त।
  • ओडिशा (2024): BJP ने 147 में से 78 सीटें जीतकर BJD का 24 साल का किला ढहाया। CM मोहन चरण माझी की सादगी और हिंदुत्व ने बाजी मारी।
  • दिल्ली (2025): BJP ने 70 में से 48 सीटें जीतकर AAP को धूल चटाई। केजरीवाल की गिरफ्तारी और भ्रष्टाचार के आरोपों ने BJP को फायदा पहुंचाया। CM रेखा गुप्ता की जीत ने सबको चौंकाया।
  • अन्य राज्य: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, गोवा, असम, त्रिपुरा, मणिपुर। इन राज्यों में BJP की मजबूत पकड़ और स्थानीय नेतृत्व ने विपक्ष को पस्त किया।

NDA सहयोगियों के साथ: 6 राज्य + 2 UTs

BJP ने सहयोगियों के साथ 6 राज्यों और 2 UTs में सरकार बनाई:-

  • महाराष्ट्र (2024): NDA (BJP + शिवसेना (शिंदे गुट) + NCP (अजित पवार)) ने 230 सीटें जीतीं। CM देवेंद्र फडणवीस की रणनीति और Uddhav-MVA की हार ने NDA को मजबूत किया।
  • आंध्र प्रदेश (2024): TDP (NDA सहयोगी) ने 147 में से 135 सीटें जीतीं। चंद्रबाबू नायडू की वापसी ने YSRCP को उखाड़ फेंका।
  • बिहार (2020): JD(U)-BJP गठबंधन ने 243 में से 125 सीटें जीतीं। नीतीश कुमार की साख और BJP की रणनीति ने RJD को हराया।
  • मेघालय: NPP (NDA सहयोगी) की कॉनराड संगमा सरकार।
  • नागालैंड: NDPP-BJP गठबंधन की रियो सरकार।
  • सिक्किम: SKM (NDA सहयोगी) की प्रेम सिंह तमांग सरकार।

केंद्रशासित प्रदेश:

  • जम्मू-कश्मीर: BJP-NCP गठबंधन।
  • पुडुचेरी: AINRC-BJP गठबंधन।


राहुल गांधी क्यों उतरे जनता के दिल से? कहां हुई चूक?

राहुल गांधी ने बिहार SIR को 'वोट चोरी' की साजिश बताकर BJP और EC पर हमला बोला। 7 अगस्त 2025 को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने कर्नाटक के महादेवापुरा में 1,00,250 फर्जी वोटों का दावा किया। 17 अगस्त को सासाराम से 'वोटर अधिकार यात्रा' शुरू कर इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाया। X पर उन्होंने लिखा, 'वोट चोरी लोकतंत्र पर हमला है। EC डिजिटल वोटर लिस्ट दे।' कांग्रेस की votechori.in वेबसाइट ने भी शोर मचाया।

लेकिन MOTN में सिर्फ 32% ने राहुल के दावों को विश्वसनीय माना, 58% ने इसे 'विपक्ष की हताशा' कहा। चूक के कारण:-

  • सीमित पहुंच: राहुल का कैंपेन युवाओं और ग्रामीण भारत में गूंजा, लेकिन BJP के कोर वोटर (राष्ट्रवादी, हिंदुत्व समर्थक) अडिग रहे। BJP का वोट शेयर 36.56% से 38% हुआ।
  • EC का पलटवार: राहुल ने कर्नाटक में 1,00,250 फर्जी वोटों का दावा किया, लेकिन EC ने सबूत मांगे। EC ने राहुल के दावों को 'झूठा नैरेटिव' बताया। ECISVEEP ने कहा, 'वोटर लिस्ट PDF में उपलब्ध है, मशीन-रीडेबल डेटा गोपनीयता के कारण नहीं।' राहुल ने शपथपत्र देने से इनकार किया।
  • विश्वसनीयता की कमी: MOTN सर्वे में राहुल की रेटिंग 22% (2024 में 15%) बढ़ी, लेकिन मोदी के 48% से बहुत पीछे। 'वोट चोरी' कैंपेन को सबूतों की कमी ने कमजोर किया।
  • INDIA की फूट: ममता (14%) और केजरीवाल (9%) को राहुल (28.2%) से कम समर्थन। TMC और AAP की अलग राह ने गठबंधन को कमजोर किया।
  • BJP का नैरेटिव: ऑपरेशन सिंदूर (62% समर्थन) और स्वदेशी (55% समर्थन) ने BJP को राष्ट्रवादी ताकत बनाए रखा।
  • क्षेत्रीय हार: महाराष्ट्र (30 से 8 सीटें) और हरियाणा में हार ने कांग्रेस की साख को ठेस पहुंचाई।

राहुल की 'वोटर अधिकार यात्रा' ने शोर मचाया, लेकिन MOTN सर्वे दिखाता है कि NDA की 116 सीटों की बढ़त अटल है। क्या राहुल 2029 में BJP को टक्कर दे पाएंगे, या मोदी का जादू और चमकेगा? कमेंट बॉक्स में नीचे अपनी राय दें...

ये भी पढ़ें- MOTN Survey: ट्रंप की बेवफाई-राहुल का 'वोट चोरी’ वार, अब देश का मूड क्या? आज हुए चुनाव तो NDA को कितनी सीटें?

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