मणिपुर में चर्च पर हमले के बाद मिजोरम के BJP उपाध्यक्ष का इस्तीफा, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
मणिपुर में चर्च पर हमले के बाद सत्तारूढ़ पार्टी के ही दिग्गज नेता ने राज्य में अशांति के लिए बीजेपी को ही जिम्मेदार बता डाला। उन्होंने पार्टी छोड़ने बाद उन्होंने मिजोरम को भाजपा के रवैये को अनुचित बताया है।
Mizoram BJP vice president resigns: मिजोरम के भाजपा उपाध्यक्ष वनरामचुआंगा ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने मणिपुर में हिंसा को लेकर विरोध में भाजपा पर बड़े आरोप लगाए। वनरामचुआंगा ने इस्तीफे के बाद दूसरी पार्टी में जाने के कयासों को लेकर कहा कि उनकी राजनीतिक दलों के प्रमुखों से बातचीत हो रही है। हालांकि वरानचुआंगा ये नहीं बताया कि भाजपा से अगल होने के बाद वो कौन सा दल जॉइन करेंगे।
मणिपुर हिंसा के दौरान चर्च पर हमले की कड़ी निंदा हो रही है। ऐसे में मिजोरम में बीजेपी नेता आर वनरामचुआंगा ने इस्तीफा देने के पार पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मणिपुर में ईसाई चर्चों के बड़े पैमाने पर विध्वंस का दावा किया और कहा कि इस हिंसा को रोकने में सरकार नाकाम रही है।

वनरामचुआंगा ने आरोप लगाया कि मणिपुर की घटनाएं बीजेपी पर 'ईसाई विरोधी पार्टी' होने के आरोपों को बल देती हैं। उन्होंने मणिपुर में हिंसा के दौरान ईसाई चर्चों के बड़े पैमाने पर विध्वंस के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। एक बयान में वनरामचुआंग ने आरोप लगाया की मणिपुर हिंसा में राज्य और केंद्र सरकार के समर्थित अधिकारियों का हाथ है।
भाजपा से इस्तीफ देने के बाद आर वनरामचुआंग ने कहा कि मणिपुर के नेताओं ने इसकी निंदा की थी। उन्होंने कहा, "राज्य के नेताओं के साथ-साथ केंद्रीय नेताओं को भी उपद्रवियों के कृत्यों की निंदा करनी चाहिए थी और उन्हें पीड़ितों की सुरक्षा या सांत्वना देने के लिए कुछ करना चाहिए। मिजोरम एक ईसाई राज्य है, लेकिन कुछ अन्य दल भाजपा की विरोधी के रूप में आलोचना करते थे। मणिपुर में कुछ ऐसी ही स्थिति देखी गई।"
वनरामचुआंग ने आगे कहा कि ये कहा जा सकता है कि भाजपा वास्तव में एक ईसाई विरोधी पार्टी है। उन्होंने कहा, "मुझे अपने लोगों, अपने चर्च के लोगों के विचारों का सम्मान करना होगा। एक चर्च नेता के रूप में मैं अब भाजपा के साथ शामिल नहीं हो सकता।"
मिजोरम भाजपा अध्यक्ष वनलालहुमुआका को लिखे पत्र में वनरामचुआंग ने कहा कि वे ईसाइयों के प्रति अन्यायपूर्ण कृत्य के विरोध में इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और सीएम एन वीरेन सिंह को निशाने पर लेते हुए कहा कि मणिपुर में जातीय हिंसा के कारण अब तक 357 ईसाई चर्च, पादरी क्वार्टर और विभिन्न चर्चों से संबंधित कार्यालय भवन जला दिए गए हैं। जबकि इसके लिए सीएम एन वीरेन सिंह ने किसी को दोषी नहीं माना है।













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