Coronavirus: कोरोना वायरस से बचने के लिए आयुष मंत्रालय ने बताए होम्योपैथिक तरीके, हुए ट्रोल
नई दिल्ली। चीन में कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है, इस खतरनाक वायरस ने अब तक 170 लोगों की जान ले ली है। वहीं, चीन के अलावा कोरोना वायरस का खतरा दुनिया के बाकी देशों में भी बढ़ता दिख रहा है, जिनमें भारत का नाम भी शामिल है। राजधानी दिल्ली में इसके तीन संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इसको लेकर आयुष मंत्रालय के अनुसंधान परिषदों ने भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी पर आधारित कुछ सुझाव जारी किए थे, जिसके बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने मंत्रालय को जमकर ट्रोल किया।

डॉक्टर सुमैया शेख ने ट्वीट कर लिखा, 'मंत्रालय द्वारा सुझाई गई प्रत्येक यूनानी दवाओं के प्रमाण के लिए अभी रिसर्च किया गया है। किसी में भी इस संक्रमण को कम करने के लक्षण नहीं हैं। इसी तरह, होम्योपैथी में किसी भी वायरल संक्रमण के इलाज के लिए कोई प्रमाण नहीं हैं।' कुछ लोगों ने कहा कि आयुष मंत्रालय को चीन भेज देना चाहिए ताकि अपने इस तरीके को वहां जाकर साबित कर सकें।
इसी तरह डॉक्टर सुकुमार मेहता ने कहा, 'मैं जानना चाहूंगा कि क्या किसी होम्योपैथी के छात्र या यूनानी 'दवा' के छात्र ने कभी किसी सूक्ष्म जीव विज्ञान का अध्ययन किया है।' बता दें कि आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेदिक परंपराओं के अनुसार रोकथाम प्रबंधन के लिए कुछ उपाय सुझाए थे। मंत्रालय द्वारा इन उपायों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए, साबुन और पानी से अपने हाथों को 20 सेकंड तक धोने की सलाह दी गई है।
इसमें सुझाव दिया गया था, 'अनजाने लोगों के हाथों से अपनी आंखें, नाक और मुंह छूने से बचें। जो लोग बीमार हैं उनसे निकट संपर्क से बचें। बीमार होने पर घर पर रहें। खांसी या छींकने के दौरान अपना चेहरा ढंक लें और खांसने या छींकने के बाद अपने हाथों को धो लें। यदि आपको कोरोना वायरल संक्रमण का संदेह है, तो मास्क पहनें और तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।' इस दौरान आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति पर आधारित कुछ सुझाव भी जारी किए थे।












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