वंदे भारत मिशन पर नहीं पड़ेगा केरल हादसे का असर, जारी रहेगा अभियान: नागरिक उड्डयन मंत्रालय
नई दिल्ली। केरल में कोझिकोड के पास कारीपुर हवाईअड्डे पर लैंडिंग के दौरान एयर इंडिया का विमान दुर्घटना ग्रस्त हो गया था। बता दें कि कोरोना काल में विदेश में फंसे भारतीयों को स्वदेश वापस लाने के लिए भारत सरकार ने एयर इंडिया के साथ वंदे भारत मिशन की शुरुआत की थी। शुक्रवार की शाम दुर्घटना का शिकार होने वाला विमान भी इसी अभियान का एक हिस्सा था, इस फ्लाइट ने दुबई से 190 यात्रियों के साथ उड़ान भरी थी। हादसे के एक दिन बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि वंदे भारत मिशन के तहत उड़ानों में कोई समस्या नहीं है, यह अभियान जारी रहेगा।
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नागरिक उड्डयन मंत्रालय से पहले शुक्रवार को ही एयर इंडिया एक्सप्रेस की तरफ से एक बयान जारी कर कहा गया था कि इस हादसे के बाद हमारे नेटकवर्क पर असर पड़ेगा लेकिन वंदे भारत मिशन जारी रहेगा। एयर इंडिया ने ट्वीट कर कहा, आईएक्स 1344 डीएक्सबी सीसीजे को ऑपरेट कर रहे हमारे एयरक्राफ्ट वीटी जीएचके के दुर्घटनाग्रस्त होने पर हम खेद प्रकट करते हैं। लैंडिंग की वजह से क्रैश हुई फ्लाइट से हमारे नेटवर्क पर असर पड़ेगा लेकिन वंदे भारत मिशन जारी रहेगा। बता दें कि केरल विमान हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं।
कैप्टन दीपक ने एयरपोर्ट के लगाए तीन चक्कर
आईएएफ के पूर्व पायलट ने एयरपोर्ट के तीन चक्कर लगाए ताकि ईधन खत्म हो सके और इसकी वजह से प्लेन में आग नहीं लग सकी। इसलिए ही क्रैश हुए एयरक्राफ्ट से धुंआ नहीं दिखा। उन्होंने इंजन क्रैश से बिल्कुल पहले ही ऑफ कर दिया था। उन्होंने तीसरे राउंड में लैंडिंग कराई। प्लेन का राइट विंग पूरी तरह से कुचल गया था। पायलट 'शहीद' हो गए लेकिन उन्होंने अपने साथी 180 यात्रियों की जान बचा ली। दीपक के पास 36 साल का फ्लाइंग एक्सपीरयंस था। वह नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) के 58वें कोर्स से पास आउट थे और टॉपर के तौर पर स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित थे। दीपक ने 21 साल तक भारतीय वायुसेना को अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद साल 2005 में एयर इंडिया के साथ जुड़े गए।
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