मिलिये दुनिया के 7 सबसे बुद्धिमान लोगों में से एक निश्चल नारायण से
नई दिल्ली। निश्चल नारायण ने महज 19 साल की उम्र में चार्टेंड अकाउंटेंट की परीक्षा पास करके देश के सबसे युवा सीए बन बन गये हैं। निश्चल ने देश के सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक कॉमन प्रोफिसिएंशी टेस्ट को पास करने में सफलता पायी है।
हालांकि इस परीक्षा को पास करने के बाद भी निश्चल नारायण ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटैंट्स ऑफ इंडिया में वह अपना पंजीकरण नहीं करा सकते हैं। इसकी मुख्य वजह है उनकी उम्र, इस संस्थान में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी जरूरी है।
निश्चल नारायण की प्रतिभा का अंदाजा उनकी मां पद्मावती को उस वक्त हो गया था जब वह महज 9 वर्ष के थे। पद्मावती ने बताया कि निश्चल नंबरों के जोड़ में बहुत ही प्रखर था। अपने बेटे की प्रतिभा को निखारने के लिए उनकी मां ने दुनियाभर के कई देशों से बेहतरीन शिक्षकों का इंतजाम किया।
निश्चल नारायण की मां खुद संस्कृत विषय से ओस्मानिया विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री हासिल है। आपको बता दें कि नारायण सबसे कम उम्र में ओस्मानिया विश्वविद्यालय से स्नातक होने वाले छात्र हैं।
इतनी कम उम्र में निश्चल नारायण ने ओस्मानिया विश्वविद्यालय से बी कॉम और एम कॉम की डिग्री हासिल की है। आपको बता दें कि निश्चल नारायण को नेशनल जियॉग्रैफिक चैनल ने दुनिया के 7 बेहतरीन दिमाग में शुमार किया है।













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