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मिलिए ज्योतिरादित्‍य के शहजादे से और जानिए उन्‍हें राजनीति के लिए कौन कर रहा तैयार

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बेंगलुरु। राजनीति में न कोई किसी का दोस्त या दुश्मन नहीं होता है। यह बात मंगलवार को एक बार फिर तब सही साबित हो गई, जब 2018 में हुए मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में 'माफ करो महाराज, हमारा नेता तो शिवराज' का नारा बुलंद करने वाली भाजपा ने सारे गिले-शिकवे मिटाकर महाराज यानी ज्योतिरादित्‍य सिंधिया को गले लगा लिया। आखिरकार कांग्रेस को अलविदा कहने के एक दिन बाद ही उन्‍होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्‍यता ग्रहण कर ली है।

जानें शहजादे आर्यमन को

जानें शहजादे आर्यमन को

ज्योतिरादित्‍य सिधिंया ग्वालियर के राजघराने की चौथी पीढ़ी हैं जो राजनीति में हैं। देश की सबसे बड़ी प्रिंसली स्‍टेट में से एक सिंधिया राजघराने से ताल्लुक रखने वाले ज्यतिरादित्य सिंधिया और उनकी पत्‍नी प्रियदर्शनी जो दुनिया की मोस्‍ट ब्यूटीफुल वुमंस में से एक हैं। सिंधिया दंपत्ति के दो बच्‍चे हैं जिनमे एक बेटा महा आर्यमण और बेटी अनन्याराजे है। ज्योतिरादित्‍य की राजघराने की सल्तनत संभालने के साथ महाआर्ममय ही हैं जो सिंधिया परिवार की पांचवी पीढ़ी से भविष्‍य में राजनीतिक कमान संभालेगे। सिंधिया राजवंश की ये नयी पीढ़ी राजनीति में आने को तैयार है। तो आइए आपको मिलवाते हैं ज्योतिरादित्‍य सिंधिया के शहजादे महाआर्ममय से और जानिए उन्‍हें राजनीति के लिए कौन परिपक्क कौन कर रहा हैं?

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येल युर्निवर्सिटी से हासिल की हैं डिग्री

येल युर्निवर्सिटी से हासिल की हैं डिग्री

ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र प्रिंस 22 वर्षीय आर्यमन अमरीका के शिकागो की येल यूनीवर्सिटी में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद अब पॉलिटिकल ट्रेनिंग भी ले रहे हैं। 15 वर्ष की उम्र से ही प्रिंस आर्यमन के अपने पिता को बाबा दिग्गज नेता स्‍वर्गीय माधवराज सिंधिया के चुनावी क्षेत्र गुना सीट पर चुनाव के दौरान भाषण देकर दहाड़ लगाते आए हैं।

पिता के स्‍कूल में ही आर्यमन ने भी की है पढ़ाई

पिता के स्‍कूल में ही आर्यमन ने भी की है पढ़ाई

22 साल के महाआर्यमन ने दून स्कूल से पढ़ाई की, जिसमें उनके पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया भी पढ़ाई कर चुके हैं। पिता ही नही आर्यमन के बाबा माधवराज सिंधिया ने विदेश मे स्‍टडी पूरी की और फिर फुल टाइम राजनीति के मैदान में उतरे। महाआर्यमन की भी तैयारी ऐसी ही है।

जानें कौन हैं आर्यमन को कौन पढ़ा रहा राजनीति का पाठ

जानें कौन हैं आर्यमन को कौन पढ़ा रहा राजनीति का पाठ

आर्यमन का जन्‍म 17 नवंबर 1995 को हुआ था। आर्यमन को उनकी राजनीति से जुड़ने की ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी उनकी मां प्रियदर्शिनी राजे निभा रही हैं। बता दें सोफिया कॉलेज से ग्रेजुएट प्रियदर्शनी राजे बड़ोदरा की राजकुमारी थी शादी के बाद से ग्वालियर की महारानी बनने के बाद से ही राजघराने की जिम्मेदारी संभालते हुए पति ज्योतिरादित्‍य के साथ राजनीति बैठकों और चुनाव प्रचार में शामिल होती आई हैं इसलिए उनको राजनीति की अच्‍छी खासी समझ हैं।

इस लिए मां दे रही ट्रेनिंग

इस लिए मां दे रही ट्रेनिंग

कहा जाता हैं कि ग्वालियर के लोग जब भी महारानी प्रियदर्शिनी राजे से मिलते हैं तो उन्‍हें यह अहसास बिलकुल नहीं होता कि वे किसी रॉयल परिवार के साथ हैं। यही कारण हैं कि प्रिंस आर्यमन के लिए सबसे अच्‍छी राजनीतिक गुरु पिता के साथ उनकी मां ही हैं। बता दे प्रिंस आर्यमन के पिता ज्योतिरादित्‍य सिंधिया जब भी शिवपुरी- गुना संसदीय क्षेत्र में प्रचार करने जाते हैं तो प्रियदर्शनी राजे ग्रामीण परिवेश में ऐसे घुलमिल जाती हैं जैसे वे यहीं पली बड़ी हैं।

सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं प्रिंस

सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं प्रिंस

महाआर्यमन फेसबुक और ट्विटर पर काफी एक्टिव हैं। वो अपनी हर फोटो अपलोड करते हैं। पिता के इलेक्शन की कैंपेन के दौरान हो या फिर परिवार के साथ बिताए पल, हर फोटो वो शेयर करते हैं। दो वर्ष पूर्व अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई कर रहे हैं थे तब भी वो हर साल वे अपने पापा के जन्मदिन को सेलिब्रेट करने ग्वालियर आते थे। इस बाद उनके कई विदेशी दोस्त भी उनके साथ बर्थडे और न्यू ईयर सेलिब्रेट करने ग्वालियर आए थे। उनको पार्टीज में और पिता के लिए इलेक्शन कैंपेन करते देखा जा चुका हैं।

पापा के कांग्रेस छोड़ने पर आर्यमन ने कही थी ये बात

पापा के कांग्रेस छोड़ने पर आर्यमन ने कही थी ये बात

ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के फैसले पर उनके बेटे आर्यमन सिंधिया ने गर्व जताया। आर्यमन सिंधिया ने ट्वीट कर कहा, "खुद के लिए स्टैंड लेने के लिए मुझे मेरे पिता पर गर्व है। एक विरासत से इस्तीफा देने के लिए साहस चाहिए। इतिहास अपने लिए बोल सकता है जब मैं कहता हूं कि मेरा परिवार कभी भी सत्ता का भूखा नहीं रहा। वादा है कि हम भारत और मध्य प्रदेश में प्रभावी बदलाव लाएंगे, चाहे जहां रहें।

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English summary
Meet Jyotiraditya Scindia's Prince and Know Who is Preparing Him For Politics
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