चीन-पाक के संयुक्त बयान पर विदेश मंत्रालय खफा, कहा- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख हमारा अभिन्न अंग
नई दिल्ली, 9 फरवरी: भारत ने चीन और पाकिस्तान की ओर से जारी बयान में आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी), कश्मीर और लद्दाख के जिक्र पर एतराज जताया है। बुधवार को विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि छह फरवरी को चीन और पाकिस्तान ने साझा बयान जारी करके हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग थे और हमेशा रहेंगे। ऐसे में भारत पड़ोसी देशों से ये उम्मीद कता है कि वो हमारे आंतरिक मामलों में दखल ना दे।

विदेश मंत्रालय प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि संबंधित पक्ष भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। हमने 06 फरवरी का चीन-पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर और तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के संदर्भों का उल्लेख देखा है। हम इन संदर्भों को खारिज करते हैं। सीपीईसी पर भी हम लगातार चीन और पाकिस्तान को अपनी चिंताओं से अवगत कराते रहे हैं। जो भारत के क्षेत्र में हैं और जिन पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।
क्या कहा था चीन-पाक ने
पाकिस्तान और चीन ने छह फरवरी को साझा बयान जारी किया था। इसमें दोनों देशों ने कहा था कि कश्मीर मुद्दा एक ऐसा विवाद है, जो अतीत से मिला है और उसका उपयुक्त एवं शांतिपूर्ण तरीके से समाधान होना चाहिए। चीन स्थिति को और जटिल करने वाली किसी भी एकपक्षीय कार्रवाई का विरोध करता है। चीन सीपीईसी के पूर्ण विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए पाकिस्तान से हाथ मिलाने को तैयार है।












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