लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मायावती का बड़ा एक्शन, सांसद दानिश अली BSP से सस्पेंड
लोकसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने बड़ा फैसला लिया है। सांसद दानिश अली को पार्टी से शनिवार को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। पार्टी से निष्कासन के पीछे पार्टी विरोधी गतिविधि बताया गया है।
शनिवार को बसपा की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में पार्टी ने कहा कि सांसद दानिश अली को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में निलंबित कर दिया है। बसपा ने अपने बयान में कहा कि आपको पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल न हों।

बसपा ने आगे कहा कि आपको यह स्पष्ट करना भी अनिवार्य है कि आप 2018 में कर्नाटक में देवेगौड़ा के नेतृत्व में जनता पार्टी में काम कर रहे थे। उस समय बसपा और देवेगौड़ा की जनता पार्टी मिलकर चुनाव लड़ रही थी और आपको अमरोहा से टिकट इस शर्त पर दिया गया था कि आप पार्टी के लिए काम करेंगे। हालांकि, ऐसा लगता है कि आप उस समय किए गए वादे भूल गए हैं। इसलिए, आपको पार्टी से निलंबित किया जा रहा है।
जानें दानिश अली का राजनीतिक सफर?
दानिश अली, जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पूर्व छात्र हैं। दानिश छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं। कर्नाटक में 2017 के विधानसभा चुनावों के दौरान, अली का नाम जेडीएस) और कांग्रेस के चुनाव बाद गठबंधन के पीछे मुख्य ताकत और चेहरे के रूप में सामने आया था। जेडीएस) सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा के भरोसेमंद और पार्टी के महासचिव अली, जो उस समय केवल 42 वर्ष के थे, को दोनों पार्टियों द्वारा गठित पांच सदस्यीय गठबंधन समन्वय और निगरानी समिति का संयोजक नामित किया गया था।
2019 के लोकसभा चुनाव में, दानिश अली यूपी के अमरोहा से बसपा के टिकट पर खड़े हुए थे, जो उनके मूल निवास स्थान हापुड़ से बहुत दूर नहीं है। अली ने अमरोहा से बड़ी जीत हासिल की थी। यह निर्वाचन क्षेत्र मुसलमानों का प्रभुत्व माना जाता है। इसमें बड़ी संख्या में दलित भी रहते हैं। उन्होंने लगभग 51 फीसदी वोट हासिल कर मौजूदा बीजेपी सांसद कुंवर सिंह तंवर को 63,000 से अधिक के अंतर से हराया था। बसपा में जाने के बाद से अली ने अपना कब्जा जमा रखा था। कुछ समय के लिए अली ने लोकसभा में 10 सदस्यीय बसपा विधायक दल का नेतृत्व भी किया।
दानिश को करना पड़ा बीजेपी नेता से मौखिक दुर्व्यवहार का सामना
आपको बता दें कि हाल ही में, सांसद कुंवर दानिश अली को बीजेपी नेता से मौखिक दुर्व्यवहार का सामना करना पडा था। जिसके कारण दानिश, राजनीतिक गलियारों में सुर्खियों में छाए गए। दानिश ने, लोकसभा में बहस के दौरान उनके बारे में की गई टिप्पणियों पर बीजेपी सदस्य रमेश बिधूड़ी के खिलाफ कार्रवाई के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संपर्क किया था।












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