पृथ्वी की अंतिम कक्षा में पहुंचा यान, रविवार को जाएगा मंगल की ओर

गौर हो कि देश का पहला मंगलयान अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र श्रीहरिकोटा से पांच नवंबर को भेजा गया था, जिसे मंगल ग्रह की कक्षा तक पहुंचने में करीब 9 महीने (280 दिनों) का वक्त लगेगा।
इसरो के वैज्ञानिक वी कोटेश्वर राव ने बताया कि मंगलयान को मंगल की ओर रवाना करने के लिए 648 मीटर प्रतिसेकंड का वृद्धिशील वेग प्रदान करने के लिए 440 नयूटन तरल इंजन को 23 मिनट तक जलाया जाएगा। जिसमें 190 किग्रा ईधन का उपभोग होगा।
पृथ्वी की कक्षा से मंगल ग्रह की दूरी सर्वाधिक लंबी है, इस दौरान मंगल यान सूर्य की कक्षा के 68 करोड़ मील के अंतर्ग्रहीय मार्ग से होकर गुजरेगा। भारत सरकार ने मंगलयान पर 450 करोड़ रूपये खर्च किये हैं।












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