'मैं कारगिल में था, देश की रक्षा की लेकिन पत्नी को...', मणिपुर में निर्वस्त्र घुमाई गई महिला के पति की आपबीती
मणिपुर में निर्वस्त्र कर घुमाई गई दो महिलाओं की कहानी ने सबको शर्मसार कर दिया है। महिलाओं पर यौन हमलों से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद बाद मणिपुर के भयावह हालात सबके सामने आ गई है।
मणिपुर में निर्वस्त्र कर घुमाई गई दो महिलाओं में एक 40 वर्षीय महिला के पति सेना के जवान थे। जो अब रिटायर हो गए हैं। वो पति असम रेजिमेंट के सेवानिवृत्त सूबेदार हैं। उन्होंने अपनी आपबीती बताई है, उन्होंने बताया है कि उन्होंने देश की रक्षा तो की लेकिन अपनी पत्नी और गांव वालों को नहीं बचा सके।

एक मीडिया चैनल को दिए टेलीफोनिक इंटरव्यू में यौन हमले का शिकार हुई 40 वर्षीय मणिपुर की महिला के पति ने कहा, 'सर इतना दुख हुआ है, मैं श्रीलंका में भी कैंप में था। मैं भी कारगिल में था। मैंने देश की रक्षा की लेकिन अभी मैं रिटायर होने के बाद, अपना घर, अपनी पत्नी और अपने गांव वालों का रक्षा नहीं कर सका।''
उन्होंने आगे कहा, ''शुरू- शुरू में उन लोगों ने हम सभी लोगों को एक साथ पकड़ा था। फिर वो लोगों को अलग-अलग करके ले गए। मेरी बीवी का कपड़ा उतरवा दिया, जो लड़की (19 वर्षीय) थी, उसका भी कपड़ा उतरवा दिया। उस वक्त लड़की का भाई लोग, बचाने के लिए आगे गया था लेकिन उन लोगों ने उसके पिता जी को मार दिया।''
4 मई को दो महिलाओं के साथ मणिपुर में क्या हुआ...?
बता दें कि मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच बीते ढाई महीनों से जारी हिंसक संघर्ष के दौरान की ये घटना 04 मई 2023 की है। जिसका वीडियो 19 जुलाई को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में एक 40 वर्षीय महिला और 19 वर्षीय महिला को निर्वस्त्र कर घुमाते दिखाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इसमें से 19 वर्षीय महिला के साथ गैंगरेप की भी बात सामने आई है। वहीं दूसरी महिला के साथ यौन उत्पीड़न की घटना हुई है।
19 वर्षीय पीड़िता ने सुनाई अपनी आपबीती
द टेलीग्राफ के मुताबिक 19 वर्षीय युवती मणिपुर के एक हेल्थ केयर इंस्टीट्यूट की छात्रा है। युवती के मुताबिक, ''मैतेई समुदाय के लोगों की एक भीड़ 4 मई को उनपर हमला किया था। 150 हथियारबंद पुरुषों और महिलाओं ने 4 मई को शाम 4 बजे मेरे इंस्टीट्यूट पर हमला कर मुझे निशाना बनाया था। मैंने एफआईआर दिल्ली के उत्तम नगर पुलिस थाने में दर्ज कराई थी क्योंकि मुझे इलाज के लिए दिल्ली के एम्स में लाया गया था। मणिपुर लौटने के बाद मैंने चुराचांदपुर पुलिस थाने में 30 मई को एक और जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी।''
युवती ने आगे कहा, ''मैं कई दिनों तक अस्पताल में रही लेकिन मेरा बयान रिकॉर्ड करने के लिए कोई नहीं आया था। जबकि अस्पताल इंफाल में पुलिस स्टेशन से कुछ ही मीटर दूरी पर था।
उन्होंने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज हुए 65 दिन हो चुके हैं और अब भी वो इंसाफ का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें सीएम से अब कोई उम्मीद नहीं है।












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