MNPF ने ली मणिपुर हमले की जिम्मेदारी, कहा- कर्नल के परिवार की मौजूदगी के बारे में नहीं था पता
नई दिल्ली, 14 नवंबर: मणिपुर में शनिवार को आतंकियों ने सेना के काफिले पर हमला किया, जिसमें कर्नल समेत 5 जवान शहीद हो गए। इस घटना में कर्नल की पत्नी और बेटे की मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अब इस घटना की जिम्मेदारी मणिपुर नागा पीपुल्स फ्रंट (MNPF) ने ली है। साथ ही एक नोट भी जारी किया।

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MNPF ने कहा कि हम इस बात से अंजान थे कि काफिले में कर्नल की पत्नी और बच्चा भी है। हम साफतौर पर जवानों को नसीहत देते हैं कि ऐसी जगहों पर परिवार को लेकर ना आएं, जिनको आपकी सरकार ने भी संवेदनशील माना है। नोट में ये भी बताया गया कि ये संयुक्त बयान उप प्रचार सचिव रोबेन खुमान और थॉमस नुमाई ने जारी किया है।
कैसे हुआ हमला?
ये घटना मणिपुर के चुराचांदपुर जिले के सिंघट की है। ये इलाका म्यांमार सीमा से सटा हुआ है। शनिवार को कर्नल अपने परिवार के साथ फॉरवर्ड कैंप से वापस बटालियन मुख्यालय लौट रहे थे। इसी दौरान आतंकियों ने आईईडी ब्लास्ट किया। जिसमें कर्नल विप्लव त्रिपाठी, उनकी पत्नी और बेटे का निधन हो गया। इसके अलावा 5 जवान भी शहीद हुए। घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने दुख व्यक्त किया है।
जवाबी हमले की तैयारी
म्यांमार से सटी सीमा काफी संवेदनशील मानी जाती है, वहां पर कई उग्रवादी संगठन सक्रिय हैं। जिनको चीन का समर्थन मिलता रहता है। घटना को अंजाम देने वाले आतंकी बचने के लिए म्यांमार भाग सकते हैं, ऐसे में सेना ने निगरानी बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक शनिवार शाम भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने सेना प्रमुख को घटना के बारे में ब्रीफ किया। इसके बाद से सैन्य हेडक्वार्टर हालात पर करीबी से नजर बनाए हुए है। 2015 में भी इसी तरह का हमला हुआ था, जिसके बाद भारतीय सेना ने म्यांमार में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की।












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