Manipur: कुकी-जो के मुद्दे का कैसे हल निकालेगी केंद्र सरकार? अलग 'Hill State' की कर रहे हैं मांग
Manipur News: मणिपुर में जारी तनाव और हिंसा के बीच कुकी-जो समुदाय की ओर से 'अलग हिल स्टेट' की मांग ने राज्य की शांति प्रक्रिया को और भी ज्यादा जटिल बना दिया है। केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद यह मुद्दा फिलहाल हल होता नहीं दिख रहा।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के भी एक महीने पूरे हो चुके हैं। राष्ट्रपति शासन के बाद राज्य में स्थिति में सुधार की उम्मीद बनी थी, लेकिन इस नई मांग ने शांति वार्ताओं को ज्यादा ही कठिन बना दिया है। क्योंकि, केंद्र सरकार के लिए यह मांग मान लेना आसान नहीं है,क्योंकि यह अनेकों नई समस्याओं को जन्म दे सकता है।

Manipur situation: क्या है कुकी-जो समुदाय की मांग?
कुकी-जो समुदाय की मांग है कि मणिपुर के मैतेई-बहुल क्षेत्रों को अलग करते हुए उनके लिए एक 'अलग हिल स्टेट' बनाया जाए। यह मांग न केवल संवैधानिक रूप से चुनौतीपूर्ण है, बल्कि इसके दूरगामी प्रभाव भी हो सकते हैं।
इस मांग को मंजूर करना केंद्र सरकार के लिए अत्यंत कठिन होगा, क्योंकि इससे न केवल अन्य जनजातीय और जातीय समूहों में असंतोष पैदा होगा, बल्कि राज्य की भौगोलिक और प्रशासनिक संरचना भी प्रभावित होगी। इतना ही नहीं, देश के अन्य इलाकों में भी इसकी वजह से नई परेशानियां शुरू हो सकती हैं।
Manipur situation today: केंद्र सरकार के सामने क्या है समस्या?
केंद्र सरकार पहले ही इस मांग को मानने के प्रति अनिच्छा जता चुकी है। सरकार को आशंका है कि यदि इस मांग को स्वीकार किया जाता है, तो इससे न केवल मणिपुर, बल्कि अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलगाववादी प्रवृत्तियों को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा, सरकार कुकी-जो बहुल इलाकों के लिए एक अलग प्रशासनिक ढांचा देने पर भी सहमत नहीं दिख रही, क्योंकि यह भी भविष्य में अलग राज्य की मांग को और मजबूत कर सकता है।
Manipur situation Now: हथियार सरेंडर के मोर्चे पर सरकार को मिले हैं सकारात्मक संकेत
मणिपुर के गवर्नर अजय कुमार भल्ला की अपील के बाद मणिपुर में 1,000 से ज्यादा हथियार सरेंडर किए जा चुके हैं। यह एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन इससे भी संपूर्ण शांति बहाल होने की संभावना कम ही दिख रही है, क्योंकि कुकी-जो समुदाय की मांग टेंशन देने वाला है।
राज्य में अब तक 4,500 से अधिक हथियार जब्त किए जा चुके हैं, जिनमें से कई को 3,मई 2023 से शुरू हुई हिंसा के बाद लूटा गया था।
Manipur separate hill state demand: कुकी-बहुल इलाके में बनी हुई है तनावपूर्ण स्थिति
वैसे,हकीकत ये है कि हथियारों के सरेंडर के बावजूद, मणिपुर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। हाल ही में कुकी-बहुल कांगपोकपी जिले में एक युवक की हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव और विरोध-प्रदर्शन बढ़ गए हैं।
प्रशासन ने युवक का शव उसके परिवार को सौंप दिया है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम की घटनाएं कुछ हद तक कम हो सकती हैं।
Manipur News today: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पूर्वोत्तर दौरा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 15 मार्च को मिजोरम के दौरे पर जा रहे हैं, लेकिन उनका मणिपुर जाने का कोई कार्यक्रम नहीं है। इस बीच, 8 मार्च से उनके निर्देशों पर शुरू हुआ 'फ्री मूवमेंट' का अभियान कुकी-जो समुदाय के विरोध के चलते बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
अमित शाह के मिजोरम दौरे का मुख्य उद्देश्य असम राइफल्स की इकाइयों को आइजोल से जोखावसांग स्थानांतरित करने से जुड़ा एक कार्यक्रम है। हालांकि, उनके मणिपुर न जाने को लेकर विभिन्न राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र सरकार फिलहाल इस संवेदनशील मुद्दे पर सीधी प्रतिक्रिया देने से बच रही है।
Manipur President rule: मणिपुर के नए संकट का क्या हल निकालेगी केंद्र सरकार?
मणिपुर संकट के समाधान के लिए केंद्र सरकार को सतर्क रणनीति अपनाने की आवश्यकता पड़ेगी। सरकार को दोनों पक्षों-मैतेई और कुकी-जो समुदायों-के साथ निरंतर संवाद बनाए रखना होगा।
संभावित समाधान के रूप में कुकी-जो समुदाय को अधिक स्वायत्तता और उनकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने की गारंटी दी जा सकती है। लेकिन यह सब भारत के संवैधानिक ढांचे के भीतर ही करना होगा।
इसके अलावा, सुरक्षा बलों को राज्य में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय रहना होगा, ताकि हिंसा की घटनाओं पर तुरंत काबू पाया जा सके।
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