मणिपुर चुनाव: अमित शाह ने कांग्रेस पर बोला हमला, कहा- 15 साल में राज्य में नहीं ला सकी एक एम्स
इम्फाल, 01 मार्च। मणिपुर में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीति गरमाई हुई है। बीते सोमवार पहले चरण में बंपर वोटिंग के बाद अब अगले चरण के मतदान को लेकर राजनीतिक दलों ने रैली शुरू कर दी है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने मंगलवार को मणिपुर के थौबली में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान गृह मंत्री ने बीजेपी सरकार की उपलब्धियां गिनाई और कांग्रेस पर हमला बोलने से भी नहीं चूके।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'कांग्रेस सरकार 15 साल में मणिपुर में एम्स नहीं ला सकी। हमने फिर से सरकार बनाते ही एम्स बनाने की घोषणा की है। कांग्रेस ने मणिपुर की अर्थव्यवस्था को 21,000 करोड़ रुपए पर छोड़ दिया था। हमारी सरकार इसे 35,000 करोड़ रुपए तक ले गई।' उन्होंने आगे कहा, वीरेन सिंह जी पहले फुटबॉल खेला करते थे। इन्हें गोल रोकना भी आता है और गोल करना भी आता है। इन्होंने भ्रष्टाचार और हिंसा के गोल को रोकने का काम किया है और शांति, विकास और समृद्धि के गोल को गोल में दागने का काम भी किया है।' कार्यक्रम के बाद अमित शाह ने असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह के साथ थौबल में बीजेपी उम्मीदवार श्याम सिंह के घर लंच भी किया।
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2017 में कांग्रेस थी सबसे बड़ी पार्टी
मणिपुर में विधानसभा की 60 सीटें हैं। ऐसे में यहां बहुमत का आंकड़ा 31 सीटों का है। 60 सीटों वाली मणिपुर विधानसभा में 2017 में कांग्रेस को 28 सीटें मिली थीं। भाजपा को 60 में 21 सीटें मिलीं थीं। चुनाव में नेशनल पीपल्स पार्टी और नगा पीपल्स फ्रंट को चार-चार और लोजपा, टीएमसी को एक-एक सीट मिली थी। 2017 के चुनाव में कांग्रेस 28 सीटों पर जीत के साथ मणिपुर में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और बहुमत से सिर्फ तीन सीट दूर थी। इसके बावजूद वो सत्ता से दूर रह गई थी। भाजपा ने 21 सीटें जीतने के बाद नेशनल पीपल्स पार्टी (4), नगा पीपल्स फ्रंट (4), लोजपा (1) और दो अन्य विधायकों के सहयोग से मणिपुर में सरकार बनाई थी।












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