SIR के खिलाफ ममता दीदी की कोलकाता में 'हल्ला बोल', अभिषेक बनर्जी ने दी केंद्र को चेतावनी
Mamata Banerjee SIR News: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में SIR प्रक्रिया के खिलाफ विशाल रैली निकाली। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया। रैली में अभिषेक बनर्जी समेत कई टीएमसी नेता शामिल हुए और दिल्ली में बड़े आंदोलन का ऐलान किया।
देशभर में वोटर लिस्ट के सत्यापन को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार, 4 नवंबर को कोलकाता में केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए "हल्ला बोल" अभियान की शुरुआत की। उन्होंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) नामक प्रक्रिया को "लोकतंत्र के खिलाफ साजिश" बताया और इसके विरोध में विशाल रैली निकाली।

संविधान की रक्षा का संकल्प लेकर निकलीं ममता
रैली शुरू करने से पहले ममता बनर्जी ने भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने संविधान की प्रति हाथ में लेकर मार्च का नेतृत्व किया। टीएमसी की ओर से किए गए पोस्ट में लिखा गया, "आज का यह मार्च संविधान, समानता और नागरिकता की रक्षा का प्रतीक है। डॉ. अंबेडकर ने हमें जो अधिकार दिए, आज उन्हें बचाने की जिम्मेदारी हमारी है।"
रैली में कार्यकर्ता 'लोकतंत्र बचाओ', 'SIR वापस लो' और 'दिल्ली हटाओ, देश बचाओ' जैसे नारे लगा रहे थे। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार SIR प्रक्रिया के ज़रिए वोटर लिस्ट से गरीब और अल्पसंख्यक वर्ग के नाम हटाने की कोशिश कर रही है
ममता बनर्जी ने क्या कहा?
इस रैली में ममता बनर्जी के साथ टीएमसी महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी, कई मंत्री, विधायक और पार्टी के शीर्ष नेता शामिल हुए। ममता ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा, "आपने आधार कार्ड बनवाने के लिए हर नागरिक से ₹1000 वसूले। अब कहते हैं कि वोटर लिस्ट में आधार नहीं चलेगा, राशन कार्ड के लिए भी नहीं चलेगा। आखिर जनता को कब तक ठगते रहेंगे? कितने कार्ड बनवाओगे - राशन कार्ड, हेल्थ कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, किसान कार्ड, मजदूर कार्ड? अब वक्त आ गया है दिल्ली सरकार को देश से हटाने का।"
अभिषेक बनर्जी का केंद्र पर सीधा हमला
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रैली के दौरान कहा कि SIR प्रक्रिया के बाद "डर के कारण" कई लोगों ने जान गंवाई है। उन्होंने कहा "हम उन परिवारों के साथ खड़े हैं जिनके प्रियजनों ने SIR के डर से अपनी जान दी। अगर दो दिन में इतनी बड़ी रैली हो सकती है तो सोचिए जब हम दिल्ली जाएंगे तो कितना बड़ा जनसमूह इकट्ठा होगा। अब अगला पड़ाव दिल्ली है - हम SIR के खिलाफ दिल्ली में भी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।"
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि "देश के नागरिकों को कभी नोटबंदी, कभी नागरिकता दस्तावेज़ों के नाम पर परेशान किया जाता है।" उन्होंने कहा कि 2026 का चुनाव सिर्फ सत्ता बदलने का नहीं, बल्कि "BJP को शून्य पर लाने की लड़ाई" होगी।
चुनाव आयोग क्या कह रहा है?
राज्य के अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी अरिंदम नियोगी ने जानकारी दी कि बंगाल के 294 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 7.6 करोड़ वोटर हैं, जिनमें से 2.4 करोड़ वोटरों के नाम का मिलान 2022 की सूची से हो चुका है। इसलिए उन्हें किसी अतिरिक्त दस्तावेज़ की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि 80,000 बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को इस प्रक्रिया के लिए नियुक्त किया गया है और इसे पारदर्शी व निष्पक्ष तरीके से पूरा किया जाएगा।
यह विरोध मार्च केवल वोटर लिस्ट सत्यापन के खिलाफ नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में "केंद्र बनाम राज्य" की एक नई जंग की शुरुआत भी माना जा रहा है। अब सबकी नज़रें इस बात पर हैं कि क्या टीएमसी सच में दिल्ली में विरोध मार्च करेगी या यह बंगाल की सियासत को गरमाने की रणनीति भर है।












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