मालेगांव ब्लास्ट: एक और गवाह मुकरा, कर्नल पुरोहित को पहचानने से किया इनकार
नई दिल्ली, 28 फरवरी: मालेगांव ब्लास्ट में जांच टीम को बड़ा झटका लगा है, जहां एक और गवाह अपने बयान से पलट गया। साथ ही उसने अदालत में मौजूद लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित को पहचानने से इनकार कर दिया। 2008 में हुए ब्लास्ट की जांच में अब तक कुल 226 लोगों के बयान दर्ज किए गए थे, जिसमें से 18 मुकर चुके हैं। अभी तीन हफ्ते पहले ही इस केस में 17वें गवाह ने गवाही देने से इनकार कर दिया था।

दरअसल साल 2008 में 29 सितंबर की रात में मालेगांव में शकील गुड्स ट्रांसपोर्ट कंपनी के सामने धमाका हुआ था। जिसमें 6 लोगों की मौत हुई, जबकि 101 लोग घायल हो गए थे। इस मामले में आरोपी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (सांसद), लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, सुधाकर द्विवेदी, मेजर रमेश उपाध्याय (सेवानिवृत्त), अजय रहीकर, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी जमानत पर जेल से बाहर हैं। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस की तत्कालीन सरकार ने जानबूझकर आरोपी को फंसाने के लिए षडयंत्र रचा था। इसी वजह से अब गवाह मुकर रहे हैं।
17वें गवाह ने कही थी ये बात
कुछ दिनों पहले कोर्ट में 17वां गवाह भी अपने बयान से पलट गया था। उसने कहा था कि उसे एटीएस ने अगवा कर लिया था। साथ ही कई दिनों तक अवैध रूप से हिरासत में रखा। उस पर दबाव डाला गया था कि वो इस केस में आरएसएस नेताओं का नाम ले। इससे पहले 15वें गवाह ने कहा था कि एटीएस चाहती थी कि वो इस केस में योगी आदित्यनाथ, आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार और स्वामी असीमानंद का नाम ले। इसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की थी।












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