Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

उद्योग जगत के दमदार प्रदर्शन से और बढ़ी महाराष्ट्र की चमक, बनेगा देश की 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का इंजन

भारत के औद्योगिक विकास में महाराष्ट्र हमेशा से अग्रणी रहा है। अब यह देश की आर्थिक प्रगति को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। निर्यात-केंद्रित राज्यों में सबसे आगे रहते हुए, महाराष्ट्र के सात शहर भारत के शीर्ष 30 निर्यात केंद्रों में शामिल हैं।

इन शहरों ने मिलकर विदेशी निर्यात में 30 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया है। जैव प्रौद्योगिकी, मोटर-वाहन, खाद्य-प्रसंस्करण, औषधि व रसायन, रत्न और आभूषण जैसे उदीयमान क्षेत्रों में, महाराष्ट्र का कुल निर्यात 72 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।

Maharashtra s shine further increased due to the strong performance of the industry it will become the engine of the country s Rs 5 trillion economy

औद्योगिक विकास का केंद्र: छत्रपति संभाजीनगर
अजंता और एलोरा गुफाओं जैसी विश्व धरोहरों के लिए प्रसिद्ध छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती महाराष्ट्र ने न केवल पर्यटन में बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है। 1980 के दशक से, मोटर वाहन, दवा, इस्पात, रक्षा और शराब बनाने वाली कंपनियों ने यहां अपनी जड़ें जमा ली हैं।

आज की तारीख में, संभाजी नगर में 4,500 से अधिक छोटे-बड़े उद्योग 3 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं। चिकलठाना, वालुज, छत्रपति संभाजीनगर, पैठण और नवनिर्मित औरिक जैसे औद्योगिक केंद्रों ने इस क्षेत्र के आर्थिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया है। राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान करते हुए, इस क्षेत्र का औद्योगिक क्षेत्र 1.73 बिलियन डॉलर का निर्यात करता है, जो शहर के समग्र विकास का प्रतीक है। यह शहर मराठवाड़ा क्षेत्र से पलायन करने वाले हजारों परिवारों को आर्थिक सहारा भी प्रदान करता है।

औद्योगिक विकास के साथ-साथ भौगोलिक विस्तार भी:
औद्योगिक विकास के साथ-साथ छत्रपति संभाजीनगर का भौगोलिक विस्तार भी हुआ है। नए औद्योगिक क्षेत्रों की आवश्यकता को पहचानते हुए, केंद्र सरकार ने छत्रपति संभाजीनगर को महत्वाकांक्षी दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा परियोजना में शामिल किया। शेंद्र और बिडकिन में 10,000 हेक्टेयर भूमि का रिकॉर्ड गति से अधिग्रहण कर भारत का पहला "वॉक-टू-वर्क" अवधारणा-आधारित एकीकृत औद्योगिक-आवासीय टाउनशिप स्थापित किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 सितंबर, 2019 को शेंद्र में इस परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन किया था। औद्योगिक विकास का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। इस औद्योगिक-आवासीय क्षेत्र का दूसरा चरण बिडकिन में तेजी से विकसित किया जा रहा है। हुंडई और एनएलएमके रूस जैसी विदेशी कंपनियों ने औरिक-शेंद्र औद्योगिक संपदा में भारी निवेश किया है, जिससे रोजगार के व्यापक अवसर पैदा हुए हैं। पर्यावरणीय अनुकूलता को ध्यान में रखते हुए, इस औद्योगिक नगर के प्रशासनिक भवन को अब सौर ऊर्जा द्वारा संचालित किया जा रहा है।

औरिक परियोजना: विस्तार और लोकप्रियता
औरिक परियोजना ने पहले केवल वालुज, पैठण, चिकलठाना और छत्रपति संभाजीनगर तक सीमित औद्योगिक विकास के दायरे को नया विस्तार दिया है। उद्योगों के आगमन से पहले ही सुसज्जित औद्योगिक क्षेत्रों का निर्माण कर, औरिक परियोजना उद्यमियों का विश्वास जीत रहा है। शेंद्र में भूमि अधिग्रहण में हो रही प्रतिस्पर्धा इन परियोजनाओं की लोकप्रियता का प्रमाण है।

इसके अतिरिक्त, बालासाहेब ठाकरे मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग द्वारा मुंबई और उसके आसपास के बंदरगाहों को छत्रपति संभाजीनगर के उद्योगों को सीधा संपर्क मिलने से उनके बीच की दूरी घटकर केवल 4-5 घंटे की रह गई है। प्रस्तावित छत्रपति संभाजीनगर-पुणे एक्सप्रेसवे निकट भविष्य में पुणे के औद्योगिक संरचना को और सुदृढ करेगा। उत्कृष्ट सड़क संपर्क के बल पर छत्रपति संभाजीनगर का निर्यात निकट भविष्य में दोगुना-तिगुना हो सकता है। इस बात में कोई आशंका नहीं है कि छत्रपति संभाजीनगर का औद्योगिक विकास, 5 ट्रिलियन डॉलर के अर्थव्यवस्था के राष्ट्रीय लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+