वर्जिनिटी टेस्ट की प्रथा का विरोध करने वाले परिवार का समाज ने किया बहिष्कार, चार लोगों के खिलाफ केस

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में विशेष समुदाय के एक परिवार की ओर से महिलाओं के वर्जिनिटी टेस्ट की प्रथा का विरोध और सामाजिक बहिष्कार का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। गुरुवार को पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर अंबरनाथ कस्बे के लोगों के खिलाफ महाराष्ट्र जन सामाजिक बहिष्कार निषिद्ध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Maharashtra Family Face social Boycott for Challenging Virginity Tests in thane, Four People Booked

दरअसल शिकायतकर्ता विवेक तमाइचिकर ने पुलिस को बताया कि उनके समुदाय की जाति पंचायत ने बीते एक साल से उनके परिवार का बहिष्कार कर दिया है क्योंकि उन्होंने समाज के उस प्रथा का विरोध किया था जिसके तहत नवविवाहित महिला को यह साबित करना होता है कि वह शादी से पहले कुंवारी थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि यह मामला उस समय सामने आया जब तीन दिन पहले उनकी दादी का निधन हो गया और पंचायत के कथित निर्देशों के कारण अंतिम संस्कार में उनके समाज का कोई भी सदस्य शामिल नहीं हुआ।

तामचीकर परिवार के साथ सभी ने दूरी बना ली है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि प्रशासन हमेशा से ही इस तरह की प्रथाओं का विरोध किया है। इस मामले में शिकायत के मिलने के बाद संज्ञान लिया गया और चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने इसी साल फरवरी में कहा था कि वह जल्द ही महिला को वर्जिनिटी टेस्ट कराने के लिए बाध्य करने को दंडनीय अपराध बनाने जा रही है। जानकारी के लिए बता दें कि कंजरभाट समुदाय में शादी के बाद लड़कियों की वर्जिनिटी टेस्ट की परंपरा है। इसमें शादी के बाद लड़की को शाही से पहले अपने कुंवारे होने का सबूत देना होता है जिसे वर्जिनिटी टेस्ट कहा जाता है।

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