Maharashtra Election Result: बीजेपी को मिला बड़ा मौका! बड़ी जीत से राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ेगा क्या असर?
Maharashtra Election Result: लोकसभा चुनावों में बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सबसे ज्यादा यूपी और महाराष्ट्र ने ही निराश किया था। लेकिन, हरियाणा के बाद महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भाजपा और महायुति के पक्ष में चली लहर ने दिल्ली तक में उसकी सरकार की ताकत फिर से बढ़ा दी है। पीएम मोदी की राजनीति पर महाराष्ट्र के वोटरों ने एक बार फिर से जो मुहर लगाई है, उसका असर आने वाले दिनों में दिल्ली में राष्ट्रीय राजनीति में भी देखने को मिल सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र में भारी जीत के बाद नई दिल्ली के पार्टी मुख्यालय में जो भाषण दिया, उसमें इस बात के कई संकेत दिखे हैं कि आने वाले दिनों में भाजपा सरकार अपने उस कोर एजेंडे को फिर से पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा सकेगी, जिसमें लोकसभा चुनावों के बाद एक हिचकिचाहट सी महसूस होने लगी थी।

अपने कोर एजेंडे को आगे बढ़ाएगी बीजेपी सरकार!
भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने जो कुछ कहा है, उससे स्पष्ट होता है कि उनकी सरकार का फोकस विकास पर और बढ़ेगा, जिसके आधार में हिंदुत्व का प्रभाव और भारत की प्राचीन विरासत का असर नजर आएगा।
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वक्फ के बीत गए दिन!यूसीसी बनेगी सच्चाई!
इसके साथ ही उन्होंने जो कुछ कहा है कि उससे लगता है कि केंद्र सरकार अब यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) और वन नेशन, वन इलेक्शन के अपने इरादे को और ज्यादा हौसले के साथ आगे बढ़ाएगी। वहीं वक्फ कानूनों में संशोधन भी मोदी सरकार के एजेंडे के प्राथमिकताओं में रहने वाला है।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा,"कांग्रेस ने तुष्टिकरण के लिए कानून बनाए। सुप्रीम कोर्ट तक की परवाह नहीं की। इसका एक उदाहरण वक्फ बोर्ड है। दिल्ली के लोग तो चौंक जाएंगे। हालात ये थी कि 2014 में इन लोगों ने सरकार से जाते-जाते दिल्ली के आसपास की अनेक संपत्तियां वक्फ बोर्ड को सौंप दी थी। बाबासाहेब अंबेडकर जी ने हमें जो संविधान दिया है न, जिस संविधान की रक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं... उस संविधान में वक्फ कानून का कोई स्थान ही नहीं है।"
वक्फ विधेयक पर विचार के लिए बनी संयुक्त संसदीय समिति (JPC) में अभी तक विपक्ष का सरकार के साथ अड़ियल रवैया नजर आया है। लेकिन,पीएम मोदी की बातों को संकेत समझें तो सरकार इस कानून में बदलाव के लिए पूरी तरह से मन बना चुकी है।
झारखंड में एनडीए और इंडिया दोनों को मिले लगभग बराबर वोट
दरअसल, शनिवार 23 नवंबर, 2024 को महाराष्ट्र के साथ-साथ झारखंड के भी नतीजे आए हैं, जहां विपक्षी इंडिया ब्लॉक को बड़ी जीत मिली है। लेकिन, अगर आंकड़ों को देखें तो वहां भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए और जेएमएम की अगुवाई वाले इंडिया ब्लॉक दोनों को लगभग बराबर ही वोट मिले हैं। इसलिए, सीटें नहीं जीतने की निराशा भले ही है, लेकिन भाजपा के हौसले नरम नहीं पड़े हैं।
जाति जनगणना पर विपक्ष का दबाव नहीं आएगा काम?
आने वाले समय में जनगणना की शुरुआत होने वाली है। दोनों राज्यों के नतीजे और उससे पहले हरियाणा से मिले सियासी संदेश को देखने से लगता है कि मोदी सरकार जाति जनगणना के मसले पर विपक्ष खासकर कांग्रेस के दबाव के आगे झुकने के लिए बाध्य नहीं होगी।
लोकसभा चुनावों के बाद कमोजर हुई कांग्रेस, मजबूत होती गई बीजेपी
भाजपा का हौसला बढ़ने का एक बड़ा कारण यह भी है कि कांग्रेस अब उसके साथ अकेली सीधी लड़ाई लड़ने में सक्षम नहीं रह गई है। हरियाणा के बाद महाराष्ट्र में भी यही स्थिति पैदा हुई है। इससे कांग्रेस अपने सहयोगियों के सामने भी कमजोर हुई है और इससे राष्ट्रीय राजनीति में बीजेपी की ताकत और बढ़ी है, जहां सहयोगियों के साथ समीकरण के मामले में वह लोकसभा चुनावों के बाद से लगातार मजबूत होती गई है।
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लोक-लुभावन योजनाओं का जारी रहेगा दौर
हरियाणा,महाराष्ट्र और झारखंड तीनों राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों ने एक बात साफ कर दी है कि चुनावी रेवड़ियों का दौर अब बहुत मजबूत हो चुका है। इसलिए बीजेपी आगे अगर विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ अपने राजनीतिक एजेंडे को नई ताकत देने की कोशिश करेगी, तो भी कल्याणकारी योजनाओं की जगह भी नहीं खत्म होगी और यह आगे भी नए-नए रूपों में नजर आएगी।












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