लखनऊ की थप्पड़बाज लड़की को नहीं है पछतावा, कहा- 'कम मारे, ज्यादा मारने चाहिए थे, सेल्फ डिफेंस में किया'
लखनऊ की थप्पड़बाज लड़की को नहीं है पछतावा, कहा- 'कम मारे, ज्यादा मारने चाहिए थे, सेल्फ डिफेंस में किया'
लखनऊ, 06 अगस्त: लखनऊ के अवध चौराहे पर एक कैब ड्राइवर को उछल-उछलकर थप्पड़ मारने वाली 'लखनऊ गर्ल' इन दिनों चर्चा में बनी हुई है। बीच चौराहे ट्रैफिक पुलिस के सामने एक कैब ड्राइवर को 22 बार थप्पड़ मारने वाली प्रियदर्शिनी नारायण यादव पर लखऊन पुलिस ने कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। कैब ड्राइवर सआदत अली सिद्दीकी को थप्पड़ मारने को लेकर 'लखनऊ गर्ल प्रियदर्शिनी नारायण यादव का एक और नया बयान समाने आया है। प्रियदर्शिनी नारायण यादव का कहना है कि उनसे कैब ड्राइवर को कम ही थप्पड़ मारे थे, उसे और मारना चाहिए था। प्रियदर्शिनी नारायण यादव ने कहा कि उसने जो भी किया सेल्फ डिफेंस में किया है। उनका कहना है कि अगर वो सेल्फ डिफेंस में नहीं मारती तो ड्राइवर उसको धक्का देकर चला जाता।
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लखनऊ गर्ल बोली- 'कम ही थप्पड़ पड़े, और पड़ने चाहिए थे...'
'लखनऊ गर्ल' प्रियदर्शिनी नारायण यादव ने कैब ड्राइवर सआदत अली सिद्दीकी पर कार से धक्का मारने और कुचलने का आरोप लगाया है। कैब ड्राइवर सआदत अली और प्रियदर्शिनी यादव दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ जवाबी शिकायत दर्ज कराई है।
एनडीटीवी से बात करते हुए प्रियदर्शिनी नारायण यादव ने कहा, ''कैब ड्राइवर को कम पड़े हैं और ज्यादा पड़ने चाहिए थे। वो उसी के लायक था। अगर पुलिस ने अपना काम किया होता तो मुझे ऐसा नहीं करना पड़ता। वे मुझे धक्का मारता और भाग जाता, तो क्या मैं सेल्फ डिफेंस भी ना करूं। क्या मैं अपना बचाव नहीं करूंगी।''

'पुलिस क्या करती पोस्टमॉर्टम करवाकर शव घर भेजती'
प्रियदर्शिनी नारायण यादव ने लखनऊ पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रियदर्शिनी नारायण यादव ने कहा है कि अगर पुलिस ने अपना काम सही से किया होता तो उन्हे किसी को थप्पड़ मारने की जरूरत नहीं होती। प्रियदर्शिनी नारायण यादव ने कहा, ''क्या हमारा जीवन सस्ता है? पुलिस पोस्टमॉर्टम करवाकर शव को घर भेज देगी। नुकसान में कौन होगा, नुकसान तो हमारा ही होता।''
प्रियदर्शिनी यादव का दावा है कि उन्हें अतीत में भी उनपर इस तरह के हमले हो चुके हैं और पुलिस को इसके बारे में पता है। प्रियदर्शिनी यादव ने कहा, "वे (पुलिस) मेरे घर भी गए हैं। पुलिस के पास मेरा टेलीफोन नंबर है, मेरे परिवार के सदस्यों का डिटेल है। ये सब आरोप बेकार है।''

कैब ड्राइवर बोला- 22-23 बार थप्पड़ पड़े हैं, मेरी कोई इज्जत नहीं है क्या?
कैब ड्राइवर सिद्दीकी का दावा है प्रियदर्शिनी यादव ने उसको थड़प्प तो मारे ही हैं, साथ में उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया है। कैब ड्राइवर सिद्दीकी ने ये भी दावा किया है कि महिला ने उनकी जेब से 600 रुपये भी छीन लिए। वीडियो फुटेज की ओर इशारा करते हुए कैब ड्राइवर सिद्दीकी ने कहा कि उन्होंने किसी भी यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं किया है।
कैब ड्राइवर सिद्दीकी ने कहा, "मुझे 22-23 बार थप्पड़ मारे गए। मैंने अपना स्वाभिमान खो दिया, मेरी कोई इज्जत नहीं है क्या। मैं लोगों की आंखों में नहीं देख सकता। वे सवाल पूछ रहे हैं। मैंने अपने घर से बाहर कदम नहीं रखा है। मैं एक ओला ड्राइवर हूं, केवल मुझे पता है कि मैं कैसा हूं मेरे खर्चे कैसे मैनेज हो रहे हैं।''

'आखिर पुलिस क्यों नहीं कर रही लखनऊ गर्ल को गिरफ्तार'
इस थप्पड़कांड के बाद कैब ड्राइवर सिद्दीकी को 28 घंटे तक जेल में भी रहना पड़ा था। सिद्दीकी ने सवाल किया है कि आखिर पुलिस प्रियदर्शिनी यादव को गिरफ्तार क्यों नहीं कर पाई। कैब ड्राइवर ने आरोप लगाया कि उसका भाई, घटना के बारे में जानने के बाद उससे मिलने थाने गया था, उसे भी उसके साथ बंद रखा गया था।
कैब ड्राइवर ने कहा, ''अगर उस लड़की को गिरफ्तार नही किया गया तो मैं आत्महत्या कर लूंगा। मेरी कोई गलती नहीं थी तो पुलिस ने मुझे 28 घंटे लॉकअप में बंद क्यों किया था। लेकिन अब लड़की पर एफआईआर हो चुकी है तो पुलिस ने उन्हें अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया है।''

2 मिनट में 22 बार कैब ड्राइवर को लखनऊ गर्ल ने मारा थप्पड़
घटना 30 जुलाई की रात 10 बजे लखनऊ के अवध चौराहे की है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि चलते ट्रैफिक में लड़की प्रियदर्शनी सड़क पार करते हुए दिखाई दे रही हैं और अचानक कार के सामने आने पर उन्हे धक्का लगा। जिसके बाद पूरा ड्रामा शुरू हुआ। प्रियदर्शिनी ने सबसे पहले कार का शीशा तोड़ा फिर ड्राइवर का मोबाइल भी तोड़ डाला। लगभग आधे घंटे तक बीच चौराहे पर प्रियदर्शनी का ड्रामा चलता रहा और ड्राइवर को लगभग 2 मिनट में 22 बार थप्पड़ मारे।












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