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Lok Sabha Security Breach: 'मास्टरमाइंड ललित के मोबाइल से खुलेगा मकसद', कोर्ट में पुलिस

Lok Sabha Security Breach: 13 दिसंबर को लोकसभा के अंदर और बाहर सुरक्षा में सेंध लगाने वाले 5वें आरोपी व मास्टरमाइंड ललित झा की दिल्ली पुलिस को 7 दिन की कस्टडी मिल गई है। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने केस से जुड़े कई अहम तथ्य पटियाला हाउस कोर्ट के सामने पेश किए।

पुलिस ने कोर्ट को बताया कि लोकसभा सुरक्षा उल्लंघन के पीछे की पूरी साजिश रची। पूरे हमले की योजना में सागर, मनोरंजन, नीलम और अमोल को उनकी जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इसलिए पुलिस को उसे विभिन्न शहरों और स्थानों पर ले जाने की जरूरत है। पुलिस ने यह भी कहा कि मकसद का पता लगाने के लिए ललित झा का फोन लेने की जरूरत है। ताकि, घटना के मुख्य मकसद का पता लगाया जा सके। इसके बाद कोर्ट ने 7 दिन की हिरासत दे दी। खुद ही थाने पहुंचकर किया सरेंडर...

lalit jha

आपको बता दें कि बीते दिन यानी 14 दिसंबर को कोलकाता निवासी ललित झा, जो एक मास्टरजी के नाम से फेमस हैं, पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था। घटना को अंजाम देने के बार मास्टरमाइंड झा अपने साथियों की गिरफ्तारी के बाद राजस्थान भाग गया था। वह संसद के बाहर मौजूद नीलम आज़ाद और अमोल शिंदे का विरोध वीडियो बना रहे थे। मौके से भागने के बाद उसने राजस्थान के नागौर पहुंचने के लिए बस ली। वहां वह अपने दो दोस्तों से मिले और एक होटल में रात बिताई। पुलिस ने कहा कि फिर उसे एहसास हुआ कि उसकी तलाश की जा रही है, तो वह खुद ही दिल्ली आ गया। ललित झा खुद ही थाने आ गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।


कौन हैं ललित झा?
अब तक की जांच के आधार पर, पुलिस ने कहा कि 13 दिसंबर का सुरक्षा उल्लंघन एक सुनियोजित हमला है। हालांकि, सभी आरोपी अलग-अलग राज्यों से हैं। वे 1.5 साल पहले मैसूर में मिले और योजना बनाना शुरू किया। उन्होंने बताया कि शिक्षक होने के नाते ललित ने साजिश रचने का नेतृत्व किया। उन्होंने मनोरंजन डी को जुलाई में संसद (पुरानी इमारत) की रेकी करने का काम सौंपा, जब मनोरंजन को पता चला कि जूतों की जांच नहीं की गई थी। उन्होंने इस सुरक्षा खामी का इस्तेमाल किया और कनस्तरों को जूते के अंदर छिपा दिया।

कनस्तरों में फिट होने के लिए लखनऊ में विशेष ऑर्डर पर दो जोड़ी जूते बनवाए गए थे, जिन्हें अमोल ने खरीदा था। ललित के भाई शंभू झा ने कहा कि परिवार को इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि ललित क्या कर रहा है? ललित गैर सरकारी संगठनों से जुड़ा था और एक निजी शिक्षक था। हालांकि, दरभंगा के एसएसपी अवकाश कुमार ने बताया कि ललित झा का पैतृक गांव रामपुर है। पिता उदय एक किसान हैं। हमें अब तक कुछ नहीं मिला है।

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