लोकसभा चुनाव 2024 से पहले बीआरएस ने तेलंगाना में 'कांग्रेस के 420 वादे' पर जारी की बुकलेट
तेलंगाना में पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव की पार्टी बीआरएस ने लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर तैयारियां तेज कर दी है। आदिलाबाद खंड पर समीक्षा बैठक करने के बाद बीआरएस लोकसभा चुनाव को लेकर पूरे जोश में नजर आ रही है। इस समीक्षा बैठक के दौरान, पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव और अन्य नेताओं ने हालिया विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 2019 के लोकसभा चुनावों में बीआरएस के प्रदर्शन की समीक्षा की।

इसके साथ ही तेलंगाना की पूर्व सत्ताधारी पार्टी बीआरएस ने सत्तारूढ़ कांग्रेस के "420 वादों" पर आधारित एक पुस्तिका जारी की जिसका अर्थ है ये बेईमान वादे हैं, जिन्हें लागू करना संभव नहीं है।
बीआरएस ने कांग्रेस के 420 वादों पर अधारित बुकलेट जारी करते हुए आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस किसी न किसी कारण का हवाला देकर लाभार्थियों की संख्या कम करने की कोशिश कर रही है क्योंकि सरकार योजनाओं को लागू करने में असमर्थ है।
इस बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए केटीआर ने कहा संसद में तेलंगाना की आवाज उठाने के लिए लोकसभा चुनाव में बीआरएस उम्मीदवारों को चुनने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "केवल बीआरएस ही राज्य के हितों की रक्षा कर सकता है।"
केटीआर ने कहा बीआरएस का विस्तार करने की योजना है, उन्होंने कहा अभी बीआरएस का केंद्र" तेलंगाना बना हुआ है। इसके साथ ही केटीआर ने कहा
बीआरएस तेलंगाना की बलम (ताकत), गलम (आवाज) और दलम (टीम) है। जैसे बंगाल के लिए ममता, तमिलनाडु के लिए स्टालिन, आंध्र प्रदेश के लिए एन चंद्रबाबू नायडू, बिहार के लिए नीतीश कुमार और ओडिशा के लिए नवीन पटनायक, अगर कोई तेलंगाना का नाम लेता है, तो हर किसी को तुरंत केसीआर का नाम याद आएगा। इसमें कोई संदेह नहीं है।












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