बीजेपी में शामिल हुईं पूर्व सांसद जया प्रदा, रामपुर से आजम खान के खिलाफ लड़ सकती हैं चुनाव
Recommended Video

नई दिल्ली। जानी-मानी अभिनेत्री और पूर्व सांसद रहीं जया प्रदा ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। दिल्ली में पार्टी मुख्यालय पर बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव ने उन्हें बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कराई। बीजेपी में शामिल होने के बाद जया प्रदा ने कहा कि ये मेरे जीवन का बेहद अहम पल है। चाहे सिनेमा हो या फिर राजनीति मैंने इसे पूरे दिल से अपनाया। चाहे कला हो या राजनीति हो मैंने पूरे मन से इसे संभाला है। भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता मिलने पर उन्होंने धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी में आने का मौका मिला है। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की।
भूपेंद्र यादव ने जया प्रदा को दिलाई बीजेपी की सदस्यता
मंगलवार को दिल्ली बीजेपी ऑफिस में बॉलीवुड अभिनेत्री और पूर्व सांसद जयाप्रदा भाजपा में शामिल हो गईं। बीजेपी में आने के बाद उन्होंने कहा कि ये मेरे जीवन का बेहद अहम पल है। उन्होंने आगे कहा, "मुझे मोदीजी के नेतृत्व में काम करने का मौका मिल रहा है, ये मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मैं अपने जीवन का हर पल समर्पित करते हुए बीजेपी के लिए काम करूंगी।" ऐसा कहा जा रहा है कि बीजेपी उन्हें यूपी के रामपुर से टिकट दे सकती है। रामपुर लोकसभा सीट से महागठबंधन ने समाजवादी पार्टी (एसपी) के दिग्गज नेता आजम खान को चुनाव मैदान में उतारा है। ऐसे में अगर जया प्रदा को यहां से टिकट मिलता है तो इस बार का मुकाबला काफी दिलचस्प हो सकता है।

कभी सपा से सांसद रहीं जया प्रदा, आजम खान के खिलाफ लड़ सकती हैं चुनाव
बता दें कि आजम खान बनाम जयाप्रदा की लड़ाई आज की नहीं है, यह मामला साल 2004 का है, जब पहली बार जयाप्रदा यहां से सपा के टिकट से विजयी हुई थीं। ऐसा कहा जाता है कि उस समय आजम खान चाहते थे रामपुर से उनकी पत्नी को टिकट मिले लेकिन उस समय सपा में अमर सिंह बेहद मजबूत स्थिति में थे, उनकी कोशिशों के आगे आजम खान की एक नहीं चली और जयाप्रदा को टिकट मिल गया। इसी के बाद जया प्रदा और आजम खान के बीच टकराव बढ़ गया। साल 2009 में एक बार फिर से जया प्रदा को रामपुर से टिकट मिला और वो जीत गईं।

अमर सिंह-जया प्रदा के यूं बिगड़ गए सपा से रिश्ते
हालांकि साल 2014 आते-आते अमर सिंह और सपा के रिश्ते बिगड़ गए, अमर सिंह और जयाप्रदा को पार्टी से निकाल दिया गया। इसके बाद साल 2014 का चुनाव जयाप्रदा ने बिजनौर से आरएलडी के टिकट पर लड़ा लेकिन वो हार गई थीं, आज जयाप्रदा और अमर सिंह समाजवादी पार्टी का हिस्सा नहीं हैं, जबकि आजम खान समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता हैं। हालात बदल चुके हैं लेकिन जया प्रदा और आजम खान के बीच की लड़ाई खत्म नहीं हुई है।

क्या रामपुर में होगा जया प्रदा और आजम खान के बीच मुकाबला?
2014 लोकसभा चुनाव की बात करें तो उस समय बीजेपी ने नेपाल सिंह को रामपुर से लोकसभा का टिकट दिया था। नेपाल सिंह ने चुनाव में एसपी के कद्दावर नेता आजम खान के करीबी नसीर खान को महज कुछ हजार वोटों से हराया था। साल 2004 और साल 2009 में जयाप्रदा इसी सीट से सांसद रह चुकी हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि बीजेपी उन्हें इस बार लोकसभा चुनाव में टिकट दे सकती है।












Click it and Unblock the Notifications