महागठबंधन में किस सीट से चुनाव लड़ेंगे अखिलेश और मुलायम, हुआ खुलासा
सपा-बसपा महागठबंधन के तहत अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव कहां से चुनाव लड़ेंगे?
नई दिल्ली। बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और आरएलडी प्रमुख अजीत सिंह के बीच 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर हुए महागठबंधन में सीटों के बंटवारे के ऐलान बाद अब उम्मीदवारों के चयन को लेकर हलचल तेज हो गई है। महागठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी को 37, बहुजन समाज पार्टी को 38 और आरएलडी को मिली 3 सीटों पर तीनों दलों के नेता जिताऊ उम्मीदवार खड़े करने की कवायद में जुट गए हैं। माना जा रहा है कि अगले कुछ ही दिनों में सपा, बसपा और आरएलडी की तरफ से उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया जाएगा। इस बीच अखिलेश यादव ने बताया है कि महागठबंधन के तहत वो खुद और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव कहां से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।

मुलायम के लिए चुनी गई यह सीट
मंगलवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव यूपी के मैनपुरी में पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान रामवकील के घर उनके परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे थे। इसी दौरान जब पत्रकारों ने उनसे मैनपुरी लोकसभा सीट से प्रत्याशी के नाम को लेकर सवाल पूछा तो अखिलेश यादव ने कहा, 'मैनपुरी लोकसभा सीट से नेताजी (मुलायम सिंह यादव) का विशेष लगाव रहा है, इसलिए यहां से नेताजी ही चुनाव लड़ेंगे। नेताजी का आशीर्वाद हमारे साथ है और 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी पूरी तरह से तैयार है।' मैनपुरी लोकसभा सीट से वर्तमान सांसद तेजप्रताप यादव के बारे में सवाल पूछने पर अखिलेश ने कहा कि उनके पास अभी लंबा वक्त है, उन्हें कहां से चुनाव लड़ाया जाएगा, ये हम बाद में तय करेंगे।

कन्नौज से चुनाव लड़ेंगे अखिलेश
इसके बाद पत्रकारों ने अखिलेश से खुद के चुनाव लड़ने को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा, 'मैं कन्नौज छोड़कर कहीं नहीं जा रहा हूं। मैं अपना पहला चुनाव भी वहीं से लड़ा था और इस बार भी वहीं से लड़ूंगा।' आपको बता दें कि वर्तमान में कन्नौज लोकसभा सीट से अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव सांसद हैं। मैनपुरी और कन्नौज सीटें समाजवादी पार्टी के गढ़ के तौर पर जानी जाती हैं। महागठबंधन के तहत हुए सीटों के बंटवारे में ये दोनों सीटें समाजवादी पार्टी के खाते में गई हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव मैनपुरी और आजमगढ़ दो सीटों से चुनाव लड़े थे और दोनों ही जगह उन्होंने जीत हासिल की थी। इसके बाद मुलायम ने मैनपुरी सीट से इस्तीफा दे दिया था और यहां हुए उपचुनाव में उनके पौत्र तेजप्रताप यादव ने जीत हासिल की।

ऐसे तय हुई सपा-बसपा में सीट शेयरिंग
गौरतलब है कि पिछले दिनों ही महागठबंधन में सीट शेयरिंग की सूची जारी की गई थी। 2019 के लिए तय की गई सूची में बसपा ने ऐसी आठ सीटें समाजवादी पार्टी के लिए छोड़ी हैं, जिनपर 2014 के लोकसभा चुनाव में वह दूसरे नंबर पर रही थी, जबकि सपा ने इसी तरह की 13 सीटें बसपा को दी हैं। दरअसल दोनों दलों ने अपने हिस्से में उन सीटों को रखा है, जहां जातीय समीकरण कहीं ना कहीं उनके पक्ष में हैं। वहीं, महागठबंधन में ना केवल मायावती को ज्यादा सीटें दी गई हैं, बल्कि सीटों के बंटवारे में भी उनकी पसंद को ही ऊपर रखा गया है। अमेठी और रायबरेली को कांग्रेस के लिए छोड़ा गया है। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच यूपी के अलावा मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में भी गठबंधन किया गया है।












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