'गोडसे पहला हिन्दू आतंकी' के बयान पर कमल हासन के खिलाफ एफआईआर
नई दिल्ली। मक्कल निधि माईम (एमएनएम) के नेता कमल हासन पर एक चुनावी सभा में महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोड़से को आजाद भारत का पहला हिन्दू आतंकी कहने पर एफआईआर दर्ज की गई है। तमिलनाडु के अरावकुरुचि में मंगलवार को हासन के खिलाफ एफआईआर हुई है। अभिनय से राजनीति में आए हासन के खिलाफ धार्मिक भावना आहत करने और दो समूहों के बीच शत्रुता बढ़ाने के आरोपों के लिए आईपीसी की धारा 153ए और 295ए के तहत मामला दर्ज किया गया है।

तमिलनाडु के अरावकुरिचि में चुनाव अभियान के दौरान कहा कि आजाद भारत का पहला आतंकी एक हिंदू था। उसका नाम नाथूराम गोडसे था। हासन ने कहा, मैं ऐसा इसलिए नहीं कह रहा, क्योंकि मैं मुस्लिमों के एरिया में सभा कर रहा हूं बल्कि इसलिए कह रहा हूं क्योंकि मेरे सामने गांधी की प्रतिमा है। मुझे लगता है कि देश का पहला आतंकी नाथूराम गोडसे था और वो हिन्दू था।
भारतीय जनता पार्टी की ओर से हासन के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई गई है। तमिलनाडु के भाजपा अध्यक्ष तमिलसई सौंदरराजन ने ट्वीट कर कहा कि गांधी की हत्या और हिंदू आतंकवाद का मामला उठाना निंदनीय है। तमिलनाडु के उपचुनाव में अल्पसंख्यकों के वोट जुटाने के लिए हासन ये सब बात कर रहे हैं। भाजपा ने चुनाव आयोग में भी कमल हासन के बयान की शिकायत की है। बीजेपी का कहना है कि कमल हासन ने आचार संहिता का उल्लघंन किया है।
तमिलनाडु सरकार में मंत्री के.टी. राजेंद्र बालाजी ने हसान के बयान को लेकर कहा कि हिन्दू आतंकवाद को लेकर कमल हासन ने जो कहा, उसके लिए उनकी जीभ काट देनी चाहिए। किसी एक के किए गलत काम के लिए पूरी कौम को इस तरह से सवालों के घेरे में नहीं लाया जा सकता है। कमल हासन ने अल्पसंख्यकों की वोट लेन के लिए इस तरह का बयान दिया है। चुनाव आयोग को उनके खिलाफ एक्शन लेना चाहिए और उनकी पार्टी को भी बैन करना चाहिए।
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