2024 Election: दोस्ती निभाए या 'लाज' बचाए? तीन राज्यों में कांग्रेस के सामने आगे कुआं पीछे खाई वाला हाल
कांग्रेस पार्टी को इस बार के लोकसभा चुनाव में इंडिया ब्लॉक के सहयोगियों के साथ बहुत ही ज्यादा सौदेबाजी करनी पड़ रही है। इंडिया ब्लॉक में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन जिन राज्यों में कभी उसका एकक्षत्र राज हुआ करता था, वहां भी उसे सहयोगी से एक-एक सीट के लिए बहस करनी पड़ रही है।
सोमवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर पहली बैठक हुई। कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक की अगुवाई वाली पार्टी की नेशनल अलायंस कमेटी ने आम आदमी पार्टी के नेताओं से बातचीत शुरू की।

सहयोगियों से मुश्किल सौदेबाजी में उलझी कांग्रेस
कांग्रेस सोच रही थी कि आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ वह पंजाब और दिल्ली में दोनों दलों के बीच सीटों के तालमेल पर चर्चा कर लेगी। लेकिन, यहां तो उन राज्यों की लिस्ट भी सामने आ गई, जहां अबतक कांग्रेस का सिर्फ बीजेपी से ही मुकाबला होता आया है।
गुजरात में आम आदमी पार्टी ने एकतरफा की एक प्रत्याशी की घोषणा
ये राज्य हैं गुजरात, हरियाणा और गोवा। ऊपर से आम आदमी पार्टी ने गुजरात की भरूच लोकसभा सीट से जेल में बंद पार्टी एमएलए चैतर वसावा को उम्मीदवार बनाए जाने की एकतरफा घोषणा भी कर दी है। पार्टी की ओर से यहां तक कहा गया है कि अगर उनकी रिहाई नहीं होती तो भी पार्टी उनका चुनाव लड़ेगी।
गुजरात, हरियाणा और गोवा पर भी आम आदमी का दावा-रिपोर्ट
जानकारी के मुताबिक आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस से कहा है कि अगर वह दिल्ली और पंजाब में पार्टी से सीटें चाहती है तो उसे गोवा, गुजरात और हरियाणा में उसके लिए भी सीटें छोड़नी पड़ेंगी।
पंजाब और दिल्ली में कांग्रेस के लिए शर्तों के साथ सीट छोड़ने को तैयार AAP!
जानकारी के मुताबिक आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के लिए पंजाब में 6 और दिल्ली में 3 सीटें छोड़ने की इच्छा दिखाई है। लेकिन, इसके बदले वह गुजरात और गोवा में कम से कम 1-1 और हरियाणा में 3 सीटें चाहती है।
जानकारी के मुताबिक आम आदमी पार्टी के नेताओं की बातें सुनकर कांग्रेस नेता हैरान हैं। क्योंकि, पार्टी को उम्मीद थी कि कम से कम पहली बैठक में दिल्ली में गठबंधन का कोई रास्ता जरूर निकल जाएगा।
2019 में दिल्ली और पंजाब में दोनों दलों का प्रदर्शन
2019 में दिल्ली की 7 में से 5 लोकसभा सीटों चांदनी चौक, उत्तर पूर्वी दिल्ली, पू्वी दिल्ली, नई दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली में कांग्रेस दूसरे और आम आदमी पार्टी तीसर नंबर पर रही थी। जबकि, पंजाब में उसे 13 में से 8 सीटें मिली थी और आम आदमी पार्टी सिर्फ 1 सीट जीती थी।
वहीं गुजरात में 26, हरियाणा में 10, और गोवा में 2 लोकसभा सीटें हैं। इसमें 2019 में गुजरात, हरियाणा दिल्ली में सभी सीटें बीजेपी जीती थी। गोवा में कांग्रेस और बीजेपी को 1-1 सीट मिली थी।
कांग्रेस के सामने 'साख' का सवाल
कांग्रेस के लिए 'साख' का सवाल इसलिए पैदा हो गया है कि वह गुजरात, हरियाणा और गोवा में परंपरागत तौर पर बीजेपी को सीधी टक्कर देती आई है।
2019 को लोकसभा चुनावों के बाद गोवा और गुजरात विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी के जनाधार में थोड़ा विस्तार जरूर हुआ है और इसी वजह से वह कांग्रेस के साथ सौदेबाजी करने की स्थिति में आई है।
लेकिन, गोवा में कांग्रेस का वोट शेयर और सीटें दोनों ही आम आदमी पार्टी से कहीं ज्यादा है। तृणमूल कांग्रेस को भी AAP से ज्यादा वोट मिले थे। गुजरात में भी कांग्रेस का वोट शेयर और सीटें दोनों ही आम आदमी पार्टी से कहीं ज्यादा है।
ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक सीट शेयरिंग पर बैठक के बाद दिल्ली और पंजाब में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'हरियाणा और और गुजरात दोनों जगह कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पास लोकसभा की एक भी सीट नहीं है और वहां बीजेपी की सरकारें हैं। इसलिए, एक तरह से हम बराबरी पर ही हैं।'












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