Lok Sabha Chunav Result: क्या 4 जून के बाद कोई बड़ा खेला करने वाली हैं ममता बनर्जी? 5 संकेत
West Bengal Lok Sabha Election Result: तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी इस बार बंगाल में लोकसभा चुनाव परिणामों को लेकर काफी असमंजस में लग रही हैं। वह 4 जून यानी मंगलवार को मतगणना का इंतजार कर रही हैं और उसके बाद वह कोई बड़ा फैसला ले सकती हैं।
हालांकि, सैद्धांतिक तौर पर वह टीएमसी को इंडिया ब्लॉक का हिस्सा बता रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर उसके साथ होने की बात कर रही हैं। लेकिन, उन्होंने जो संकेत दिए हैं, उससे लगता है कि वह 4 जून के बाद की राजनीतिक परिस्थितियों के लिए अपने सारे सियासी पत्ते खुले रखना चाहती हैं।

क्या 4 जून के बाद कोई बड़ा खेला करने वाली हैं ममता बनर्जी?
टीएमसी सुप्रीमों जो कुछ कर और कह रही हैं, उससे कम से कम 5 ऐसे संकेत जरूर मिल रहे हैं कि मतगणना के बाद वह कोई बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकती हैं। हम यहां सभी पहलुओं पर एक-एक कर चर्चा कर रहे हैं।
इंडिया ब्लॉक में सीपीएम की दखल की शिकायत
बंगाल की मुख्यमंत्री ने रविवार को कहा कि उन्हें इंडिया ब्लॉक से कोई दिक्कत नहीं है, अगर सीपीएम टीएमसी के मामलों में दखल देने की कोशिश न करे। तृणमूल के एक्स हैंडल पर पार्टी ने जो उनका एक टेलीविजन इंटरव्यू शेयर किया है, उसमें बनर्जी कह रही हैं, 'इंडिया ब्लॉक सही प्रगति कर रहा था और मैंने इसका समर्थन किया। हालांकि, सीपीएम इसकी पूरी निगरानी कर रही है। सीपीएम को उनका प्रवक्ता क्यों बनना चाहिए...?'
कांग्रेस, सीपीएम और बीजेपी तीनों पर एक समान हमला
ममता बनर्जी सीपीएम के साथ-साथ कांग्रेस पर अल्पसंख्यक (मुस्लिम पढ़ें) वोट बांटने के लिए बीजेपी के साथ साठगांठ का भी आरोप लगा रही हैं। उन्होंने सीपीएम और कांग्रेस पर इसके लिए भाजपा से पैसे लेने तक का भी आरोप लगा दिया है। उन्होंने कहा,'बंगाल में अल्पसंख्यकों के वोटों में विभाजन के लिए बीजेपी ने कांग्रेस को पैसे दिए। उन्होंने सीपीएम को भी दिया। मुझे यकीन है कि अल्पसंखयक इससे प्रभावित नहीं हुए होंगे। हमने इन तीनों (बीजेपी, कांग्रेस और सीपीएम) ही के खिलाफ लड़ाई लड़ी।'
इंडिया ब्लॉक की बैठक से दूरी
इससे पहले 1 जून को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन के दिल्ली आवास पर बुलाई गई बैठक में भी न तो ममता खुद पहुंचीं और न ही किसी नुमाइंदे को भेजा। इसमें तो उनकी पार्टी की ओर से उस दिन बंगाल में अंतिम चरण के मतदान का हवाला दे दिया गया।
चुनाव आयोग से शिकायत करने वाले प्रतिनिधिमंडल से भी तोबा
रविवार को कांग्रेस नेताओं की अगुवाई में इंडिया ब्लॉक के कुछ नेता मतगणना की तैयारियों को लेकर अपनी शिकायतों को लेकर चुनाव आयोग पहुंचे थे। लेकिन, टीएमसी इससे भी दूर रही। ऊपर से उनकी टिप्पणियों से अटकलें लगनी स्वाभाविक हैं कि विपक्षी गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं है और खासकर ममता बनर्जी 4 जून के बाद के लिए अपने विकल्प खुला रखने चाहती हैं।
4 जून के बाद के लिए अपने विकल्प खुले रखना चाहती हैं ममता
अपने इंटरव्यू में ममता ने एक लाइन कही है, 'सभी क्षेत्रीय पार्टी का अपना एक आत्म-सम्मान होता है।' अब सवाल है कि इंडिया ब्लॉक में क्या उनके या उनकी पार्टी के आत्म-सम्मान को चोट पहुंचाई गई है और अगर ऐसा है तो वह किसकी ओर यह इशारा कर रही हैं?
जब उनसे पूछा गया कि क्या जब चुनाव नतीजे घोषित हो जाएंगे तो वो इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होंगी, तो उन्होंने जवाब दिया,'4 जून के बाद हम निश्चित जाएंगे, हम निश्चित तौर पर बोलेंगे, हमें कोई दिक्कत नहीं है।'
लेकिन, जब उनसे यह पूछ लिया गया कि क्या तृणमूल इंडिया ब्लॉक सरकार का हिस्सा होगी, तो उन्होंने कहा, 'मैं अभी बिना मतलब के सवालों का जवाब नहीं दे सकती। मैं रिजल्ट देखूंगी, अपना गुणा-गणित करूंगी। हमारी भी अपनी रणनीतियां हैं और चाहूंगी कि और ज्यादा क्षेत्रीय दल साथ आएं।'
इसके बाद गठबंधन की राजनीति के बारे में उन्होंने ये कह दिया, 'जब फैसले सामूहिक तौर पर लिए जाते हैं, तो वह गठबंधन होता है। इसका मतलब है, सबको साथ लेकर चलना, किसी को छोड़ना या दूसरों पर हावी होना नहीं। एक गठबंधन ऐसा ही होना चाहिए।'












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