लॉकडाउन में 2700 किमी का सफर कर बीमार बेटे से मिलने पहुंची मां, 6 राज्यों से होकर पहुंची जोधपुर
जयपुर। कोरोना वायरस के मद्देनजर पूरे देश में लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया गया है और इस दौरान ट्रेन, बस-प्लेन आदि की सेवाएं भी स्थगित रहेंगीं। लॉकडाउन के दूसरे चरण में प्रशासन ज्यादा सख्ती बरत रहा है ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके। वहीं, इस लॉकडाउन के दौरान एक महिला ने अपने बीमार बेटे से मिलने के लिए 2700 किमी का सफर तय किया और 6 राज्यों से होते हुए वह राजस्थान जा पहुंची।

2,700 किमी की यात्रा कर बेटे से मिलने पहुंचीं शीलम्मा
शीलम्मा वासन को बेटे के बीमार होने की खबर मिली तो उन्होंने लॉकडाउन के बावजूद उससे मिलने का मन बना लिया। अपने बीमार बेटे से मिलने के लिए 50 साल की इस महिला ने कार से 6 राज्यों की सीमाएं पार कीं और 2,700 किमी की यात्रा कर बेटे से मिलने जोधपुर पहुंच गई। शीलम्मा वासन का 29 साल का बेटा अरूण बीएसएफ में है। इस सफर के दौरान शीलम्मा के साथ उनके कुछ रिश्तेदार भी मौजूद थे और केरल से राजस्थान पहुंचने में उनको तीन दिन लगे।

बीएसएफ जवान जोधपुर में तैनात है
जोधपुर में पीटीआई से बात करते हुए शीलम्मा वासन ने बताया कि उनके बेटे अरुण की हालत में सुधार हो रहा है, उन्होंने बताया कि अरुण की मांसपेशियों में सूजन की शिकायत थी। अरुण की तबीयत खराब होने की सूचना एम्स, जोधपुर के डॉक्टर ने परिवार को दी थी, जिसके बाद शीलम्मा ने केरल से अपना सफर शुरू किया और तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात को पार करते हुए राजस्थान जा पहुंचीं। बीएसएफ जवान फरवरी में छुट्टी लेकर घर आया था लेकिन वापस लौटने के बाद उसकी तबीयत खराब हो गई, अरुण का एक साल का बेटा भी है।

6 राज्यों से होते हुए जोधपुर पहुंचीं शीलम्मा
शीलम्मा ने जरूरी पास उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन और मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को धन्यवाद दिया। वहीं, विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा परिवार के लिए कैब का इंतजाम किया गया। बता दें कि कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं, देश में संक्रमित मरीजों की संख्या 13 हजार के पार जा पहुंची है जबकि इस वायरस के कारण मरने वालों की संख्या 437 हो गई है। कोरोना वायरस के सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र में सामने आए हैं।












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