जेएनयू छात्रसंघ चुनाव: सभी सीटों पर लेफ्ट का कब्जा, ABVP हारी
नई दिल्ली। प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव में वामपंथी गठबंधन को बड़ी सफलता मिली है। छात्रसंघ के चारों सीटों पर लेफ्ट गठबंधन ने जीत हासिल की। छात्रसंघ के अध्यक्ष पद के लिए मोहित कुमार पांडेय चुने गए हैं।

किस पद के लिए कौन जीता?
जेएनयू में हुए छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर मोहित कुमार पांडेय, वाइस प्रेसिडेंट पर अमल पीपी, ज्वाइंट सेक्रेटरी पद पर तबरेज हसन और जनरल सेक्रेटरी पर सतरूपा चक्रवर्ती को जीत मिली है।
बुरी तरह से हारी एबीवीपी
इस बार के चुनाव में एबीवीपी कोई सीट नहीं जीत पाई। एबीवीपी में चुनाव से पहले कई इस्तीफे हुए थे। जेएनयू यूनिट के अपाध्यक्ष रहे जतिन गोराया ने एबीवीपी को दलित विरोधी बताते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था। गोराया से पहले भी रोहित वेमुला के मुद्दे पर तीन एबीवीपी पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया था।
बाप्सा से मिली लेफ्ट यूनिटी को टक्कर
इस बार के चुनाव मे लेफ्ट छात्र संगठन आईसा और एसएफई ने गठबंधन बनाकर लेफ्ट यूनिटी के नाम से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में बाप्सा ने लेफ्ट यूनिटी को कड़ी टक्कर दी। जेएनयूएसयू प्रेसिडेंट पद के लिए बाप्सा के उम्मीदवार राहुल पुनराम दूसरे नंबर पर रहे।
प्रेसिडेंट की प्रतिक्रिया
जेएनयूएसयू के प्रेसिडेंट बने मोहित कुमार पांडे ने जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कैंपस से लेफ्ट ने एबवीपी को उखाड़ फेंका है। इस रिजल्ट से देश में भी एक मैसेज जाएगा।
शुक्रवार को हुआ था मतदान
शुक्रवार को हुए चुनाव में पिछले सालों से ज्यादा वोटिंग हुई। कुल 60 प्रतिशत वोटर्स ने मताधिकार का उपयोग किया। 5000 से ज्याादा मत पड़े। इस चुनाव के बारे में छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने पहले ही कहा था कि इस बार प्रेसिडेंट पद के लिए लेफ्ट और बाप्सा के बीच टक्कर है। एबीवीपी कहीं नही हैं।
जेएनयू चुनाव इसलिए है खास
जेएनयू का मुद्दा इस साल देश में छाया रहा। यहां फरवरी में कथित तौर पर देश विरोधी नारे लगने के बाद दो अन्य छात्र नेताओं के साथ छात्रसंघ के तत्कालीन अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी हुई जिस पर काफी बवाल हुआ और यह मामला देश में सुर्खियों में छाया रहा।












Click it and Unblock the Notifications